Delhi भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने रविवार को कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की उस अपील को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सोमवार को बैठक करने का अनुरोध किया था। सूत्रों के मुताबिक, CJI ने विपक्ष के नेता के पत्र का औपचारिक जवाब देते हुए कहा कि ऐसी बैठक करना उचित नहीं होगा, क्योंकि जिन मुद्दों पर चर्चा की जानी थी, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित हैं।
माना जा रहा है कि CJI ने कहा है कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत, सुप्रीम कोर्ट सरकार के प्रशासनिक कामकाज में दखल नहीं दे सकता।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेताओं से कहा गया है कि वे मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का न्यायिक पक्ष से रुख करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से दायर किसी भी याचिका पर पहले से लंबित मामलों के साथ ही सुनवाई की जा सकती है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, CJI ने कांग्रेस नेताओं के सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च के बारे में कोई राय नहीं दी है, जिसका ज़िक्र उन्हें लिखे गए पत्र में किया गया था। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने 27 मई को SIR प्रक्रिया की वैधता को बरकरार रखा था।
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