नई दिल्ली। जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक नया संशोधन विधेयक पेश किया है। बुधवार को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में ‘जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन (संशोधन) बिल, 2026’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले रजिस्ट्रेशन के नियमों को सख्त बनाना है, ताकि नागरिक समय पर संबंधित जानकारी दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित हों।
विधेयक उस समय पेश किया गया, जब लोकसभा में विपक्ष की ओर से हंगामा जारी था। विपक्षी सदस्य ‘पेपर लीक विरोधी बिल’ पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग कर रहे थे। विरोध के बीच प्रक्रिया के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कुछ सदस्यों को विधेयक पेश किए जाने का विरोध दर्ज कराने का अवसर दिया। हालांकि किसी सदस्य ने अपनी बात नहीं रखी, जिसके बाद गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पेश कर दिया।
देर से रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक का उद्देश्य ‘जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1969’ में बदलाव करना है। इस कानून में वर्ष 2023 में भी संशोधन किया गया था। अब प्रस्तावित संशोधन के जरिए धारा 13(3) के तहत देर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और सख्त बनाने की तैयारी है।
सरकार का कहना है कि जन्म और मृत्यु की जानकारी समय पर दर्ज होना जरूरी है, क्योंकि यह नागरिकों की पहचान, सरकारी योजनाओं, जनगणना, स्वास्थ्य व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण आधार होता है।
समय पर जानकारी देने को बढ़ावा देने की कोशिश
सरकार के अनुसार, देर से रजिस्ट्रेशन की वजह से कई बार सरकारी रिकॉर्ड में देरी होती है, जिससे नागरिक सेवाओं और योजनाओं के संचालन में परेशानी आ सकती है। नए प्रावधानों का उद्देश्य लोगों को जन्म और मृत्यु की घटनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है।
प्रस्तावित बदलावों के जरिए प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि समय पर तैयार होने वाले रिकॉर्ड से सरकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट ने 20 जुलाई को दी थी मंजूरी
इस संशोधन विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 जुलाई को लोकसभा में पेश करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद इसे संसद की कार्यवाही में शामिल किया गया।
सरकार ने इस विधेयक को नागरिक रिकॉर्ड व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया है। जन्म और मृत्यु के प्रमाणपत्र कई महत्वपूर्ण सेवाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज होते हैं, इसलिए इनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विपक्ष के विरोध के बीच पेश हुआ बिल
विधेयक पेश किए जाने के दौरान लोकसभा में राजनीतिक माहौल गर्म रहा। विपक्षी दलों के सदस्य पेपर लीक से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग कर रहे थे।
हालांकि, संसदीय नियमों के तहत विधेयक पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया, लेकिन किसी सदस्य ने विरोध में बोलने से इनकार किया। इसके बाद मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक सदन में रखा।
जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड का बढ़ता महत्व
आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था में जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। इन आंकड़ों का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं की तैयारी, स्वास्थ्य नीतियों, जनसंख्या संबंधी अध्ययन और विभिन्न विभागों के कामकाज में किया जाता है।
समय पर रजिस्ट्रेशन होने से सरकार को सही आंकड़े उपलब्ध होते हैं और नागरिकों को भी विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होती है।
डिजिटल व्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
देश में नागरिक रिकॉर्ड को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को मजबूत करने से डिजिटल डेटाबेस को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सही और समय पर उपलब्ध आंकड़े प्रशासनिक फैसलों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करते हैं। हालांकि, नए नियमों के लागू होने के बाद आम नागरिकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह विधेयक की विस्तृत प्रक्रिया और अंतिम प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
आगे संसद में होगी विस्तृत चर्चा
लोकसभा में पेश किए जाने के बाद अब इस विधेयक पर आगे की संसदीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के सदस्य इसके प्रावधानों पर अपनी राय रखेंगे।
यदि विधेयक पारित होता है, तो जन्म और मृत्यु के देर से रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में बदलाव लागू हो सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे नागरिक रिकॉर्ड व्यवस्था अधिक मजबूत और प्रभावी बनेगी।