नई दिल्ली/जालंधर : 27 अक्टूबर 2026। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध तरीके से भारतीयों को अमेरिका भेजने वाले कथित 'डंकी रूट' नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई फरवरी 2025 में अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीय नागरिकों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। ईडी के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की जा रही जांच में मानव तस्करी, अवैध प्रवासन और हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। आरोपी को जालंधर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 30 अक्टूबर तक सात दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया गया।
दिल्ली से गिरफ्तार हुआ टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला
ईडी की जांच के दौरान दिल्ली निवासी ट्रैवल एजेंट तरुण खोसला का नाम सामने आया था। जांच एजेंसी को संदेह है कि वह विदेश जाने के इच्छुक लोगों को अवैध मार्गों से अमेरिका पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली से जालंधर लाया गया। इसके बाद उसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) से संबंधित विशेष अदालत में पेश किया गया।अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को सात दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी अब उससे कथित नेटवर्क के संचालन, वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फरवरी 2025 में अमेरिका से लौटाए गए थे 330 भारतीय
इस मामले की शुरुआत फरवरी 2025 में अमेरिका से भारतीय नागरिकों को वापस भेजे जाने के बाद हुई थी।अमेरिकी प्रशासन ने उस समय अवैध रूप से रह रहे 330 भारतीय नागरिकों को सैन्य विमानों के जरिए भारत वापस भेजा था।इनमें बड़ी संख्या में पंजाब और हरियाणा के लोग शामिल थे। वापस लौटने वाले कई लोगों ने आरोप लगाया था कि ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें कानूनी तरीके से अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाकर मोटी रकम वसूली थी।इन शिकायतों के आधार पर पंजाब और हरियाणा पुलिस ने कुल 19 एफआईआर दर्ज की थीं। इन्हीं मामलों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू की।
अमेरिका भेजने के नाम पर 40 से 55 लाख रुपये वसूलने का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचाए गए लोगों से ट्रैवल एजेंटों ने लाखों रुपये वसूले थे।अमेरिका से वापस आए कुछ भारतीयों ने बताया कि उन्होंने विदेश जाने के लिए एजेंटों को 40 लाख से 55 लाख रुपये तक दिए थे।कई पीड़ितों का कहना था कि वे मुख्य ट्रैवल एजेंट से कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिले थे। स्थानीय बिचौलियों के माध्यम से उनका संपर्क विदेश भेजने वाले नेटवर्क से हुआ था।ईडी ने इन लोगों के बयान दर्ज करने के साथ बैंक खातों, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
क्या है डंकी रूट और कैसे चलता है नेटवर्क?
'डंकी रूट' ऐसे अवैध प्रवासन मार्ग को कहा जाता है, जिसके जरिए लोगों को कई देशों से होकर गैरकानूनी तरीके से दूसरे देश की सीमा पार कराई जाती है।इस प्रक्रिया में ट्रैवल एजेंट, स्थानीय बिचौलिए, विदेशों में मौजूद सहयोगी और परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।जांच एजेंसी के अनुसार, कथित नेटवर्क में लोगों को पहले विभिन्न देशों में भेजा जाता था। इसके बाद उन्हें मैक्सिको के रास्ते अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश कराने की कोशिश की जाती थी।इस जोखिम भरे सफर में लोगों को धोखाधड़ी, शारीरिक उत्पीड़न, आर्थिक शोषण और गिरफ्तारी जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।ईडी की जांच में हवाला संचालकों और विदेशों में मौजूद सहयोगियों की भूमिका भी सामने आई है।
पहले भी कई राज्यों में छापेमारी कर चुकी है ED
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय पहले भी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुका है।जुलाई 2025 में ईडी ने पंजाब और हरियाणा में सात स्थानों पर छापेमारी की थी।उस दौरान विदेशी देशों की कथित फर्जी इमिग्रेशन मुहरें, वीजा टेम्पलेट, डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।जांच एजेंसी को ऐसे संकेत भी मिले थे कि अवैध प्रवासन से कमाई गई रकम का इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
तरुण खोसला की गिरफ्तारी के बाद ईडी की जांच अब कथित डंकी रूट नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है।जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध प्रवासन से एकत्र की गई रकम किन लोगों तक पहुंची और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच में अन्य बिचौलियों, ट्रैवल एजेंटों और विदेशी सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।हालांकि, तरुण खोसला पर लगे आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। उसकी आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत करेगी।