खाने के बिल में एक्स्ट्रा चार्ज से परेशान हैं? जानें सर्विस चार्ज पर पूरा नियम
New Delhi नई दिल्ली : अगर आप भी अक्सर रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं तो आपने बिल में सर्विस चार्ज के नाम पर जुड़ी अतिरिक्त राशि जरूर देखी होगी। कई रेस्टोरेंट खाने के बिल के साथ 10 प्रतिशत तक सर्विस चार्ज जोड़ देते हैं। ग्राहक कई बार इसे हटाने की मांग करते हैं, लेकिन रेस्टोरेंट संचालक इसे अपनी नीति बताते हुए हटाने से इनकार कर देते हैं। अब रेस्टोरेंट में लगाए जाने वाले इस अतिरिक्त सर्विस चार्ज का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
दरअसल, केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रेस्टोरेंट संचालकों को अनिवार्य सर्विस चार्ज हटाने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूलना उचित नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने सर्विस चार्ज वसूलने की शिकायतों पर कई रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें चायोज और बार्बेक्यू नेशन जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। इन रेस्टोरेंट्स पर आरोप था कि ग्राहकों से अतिरिक्त सर्विस चार्ज लिया जा रहा था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रेस्टोरेंट ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूल सकते हैं? उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्विस चार्ज कोई सरकारी टैक्स नहीं है। यह रेस्टोरेंट द्वारा ली जाने वाली एक अतिरिक्त राशि होती है। ग्राहक को इसके भुगतान के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
अगर किसी रेस्टोरेंट के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ा गया है और ग्राहक इसे हटाने की मांग करता है तो रेस्टोरेंट को इसे हटाना चाहिए। ग्राहक की सहमति के बिना अतिरिक्त शुल्क लेना उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ माना जा सकता है।
हालांकि, कई रेस्टोरेंट संचालकों का तर्क है कि सर्विस चार्ज कर्मचारियों के हित में लिया जाता है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलता है और इसे पूरी तरह खत्म करने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है।
वहीं, उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि अगर रेस्टोरेंट कर्मचारियों को बेहतर वेतन या सुविधाएं देना चाहते हैं तो उन्हें अपने खर्च में शामिल करना चाहिए। ग्राहकों पर बिना स्पष्ट सहमति के अतिरिक्त शुल्क डालना उचित नहीं है।
ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि अगर बिल में सर्विस चार्ज जोड़ा गया है और वे इसका भुगतान नहीं करना चाहते तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। ग्राहक रेस्टोरेंट प्रबंधन से बात करने के अलावा उपभोक्ता हेल्पलाइन या संबंधित शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सरकार की सख्ती के बाद अब रेस्टोरेंट उद्योग पर नजर बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेस्टोरेंट संचालक सर्विस चार्ज को लेकर क्या कदम उठाते हैं और उपभोक्ताओं को इससे कितनी राहत मिलती है।