अभिजीत दीपके बोले- अभी राजनीति नहीं, E-20 पेट्रोल समेत इन मुद्दों पर बनेगा दबाव
नई दिल्ली : नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संगठन की आगे की रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल CJP राजनीति में उतरने के बजाय एक "पब्लिक प्रेशर ग्रुप" के रूप में काम करेगी। उनका कहना है कि देश में मौजूदा समय में राजनीतिक दलों से अधिक एक मजबूत जनआंदोलन और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले समूह की आवश्यकता है।
बुधवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की कोर टीम की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन अब केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी बैठकों में सरकार की इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल (E-20 पेट्रोल) नीति, बढ़ती बेरोजगारी, विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
दीपके ने राजनीति में आने की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि देश के लोगों का विश्वास कई संस्थानों से लगातार कम हुआ है। उनके अनुसार, जनता न्यायपालिका, राजनीतिक दलों, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं से अधिक जवाबदेही की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ चले आंदोलन को देशभर से अभूतपूर्व समर्थन मिला और समय के साथ यह समर्थन केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग से भी जुड़ गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत को एक ऐसे जनदबाव समूह की जरूरत है जो सरकार और संस्थाओं को जनता के प्रति जवाबदेह बनाए। उनका कहना था कि CJP इसी उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी और किसी राजनीतिक दल के रूप में चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेगी।
अभिजीत दीपके ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों का राजनीतिक दलों से भरोसा कम होता जा रहा है। उनका कहना था कि जनता एक दल को वोट देती है, लेकिन बाद में राजनीतिक समीकरण बदल जाने से सरकार किसी और के हाथ में चली जाती है। ऐसे हालात में लोगों की समस्याओं का समाधान केवल नई राजनीतिक पार्टी बनाना नहीं, बल्कि एक मजबूत जनआंदोलन तैयार करना है।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने भी संगठन की भविष्य की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि CJP खुद को राजनीतिक पार्टी के रूप में नहीं, बल्कि एक जमीनी स्तर के सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि यदि देश में पहले से मौजूद अनेक राजनीतिक दलों के बावजूद लोगों की समस्याएं समाप्त नहीं हुई हैं, तो इसका अर्थ है कि समाधान किसी नई पार्टी में नहीं, बल्कि जनजागरूकता और जनदबाव पैदा करने वाले आंदोलन में है।
सौरव दास ने बताया कि संगठन उन छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस कराने के लिए भी प्रयास जारी रखेगा, जिन्होंने नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ हुए आंदोलनों में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकारी प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत की जा रही है और कानूनी स्तर पर भी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों को मेडिकल और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी CJP सक्रिय रूप से काम कर रही है। संगठन विभिन्न राज्यों में ऐसे छात्रों तक पहुंचने और उनकी सहायता करने की योजना पर कार्य कर रहा है।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी अभिजीत दीपके ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि CJP का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही झारखंड जाएगा और वहां आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की सभी जायज मांगों का संगठन समर्थन करेगा और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा।
दीपके ने यह भी कहा कि पर्यावरणविद और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी उनके मार्गदर्शक बने रहेंगे तथा संगठन समय-समय पर उनसे सलाह लेता रहेगा। CJP का कहना है कि आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार, पारदर्शिता और जनहित से जुड़े मुद्दों पर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही मजबूत हो और युवाओं की आवाज प्रभावी ढंग से उठाई जा सके।