नई दिल्ली। किसी भी कंपनी में नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ह्यूमन रिसोर्स यानी एचआर (HR) विभाग से संपर्क करना पड़ता है। नौकरी के लिए आवेदन करने से लेकर इंटरव्यू, दस्तावेजों की जांच, वेतन तय करने और नियुक्ति पत्र जारी करने तक एचआर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो एचआर दूसरों को नौकरी दिलाने की प्रक्रिया संभालते हैं, उन्हें खुद नौकरी कौन देता है? उनकी भर्ती कौन करता है और क्या कंपनी के नियम उन पर भी उसी तरह लागू होते हैं, जैसे दूसरे कर्मचारियों पर होते हैं?
दरअसल, एचआर भी कंपनी का एक कर्मचारी होता है और उसकी नियुक्ति भी निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के तहत की जाती है। कंपनी का मालिक, वरिष्ठ प्रबंधन, एचआर प्रमुख या अधिकृत चयन समिति एचआर कर्मचारियों की नियुक्ति का फैसला कर सकती है। इसके अलावा एचआर विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को भी कंपनी के नियमों, अनुशासन और कार्यप्रणाली का पालन करना पड़ता है।
एचआर को नौकरी कौन देता है?
किसी भी कंपनी में एचआर की नियुक्ति उसके संगठनात्मक ढांचे पर निर्भर करती है। छोटी कंपनियों में एचआर की भर्ती सीधे कंपनी के मालिक या प्रबंध निदेशक द्वारा की जा सकती है। वहीं बड़ी कंपनियों में एचआर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अलग प्रक्रिया होती है।
कई बड़ी कंपनियों में एचआर मैनेजर, सीनियर एचआर अधिकारी और विभागीय प्रमुख मिलकर नए एचआर कर्मचारियों का चयन करते हैं। वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ, मुख्य मानव संसाधन अधिकारी यानी सीएचआरओ या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी आवश्यक हो सकती है।
इसका मतलब यह है कि एचआर विभाग कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया संभाल सकता है, लेकिन उसके अधिकारियों की नियुक्ति भी कंपनी के अधिकृत प्रबंधन द्वारा ही की जाती है।
क्या एचआर पर भी कंपनी के नियम लागू होते हैं?
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या एचआर विभाग के लोग कंपनी के नियमों से अलग होते हैं। इसका जवाब है कि एचआर कर्मचारियों पर भी कंपनी की लागू नीतियां और संबंधित कानून प्रभावी होते हैं।
कंपनी में कार्यालय आने-जाने का समय, छुट्टी की व्यवस्था, कर्मचारियों का व्यवहार, गोपनीयता, आचार संहिता और कार्यस्थल पर अनुशासन जैसे नियम एचआर कर्मचारियों पर भी लागू होते हैं।
यदि कोई एचआर अधिकारी कंपनी की नीति का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि कार्रवाई की प्रकृति कर्मचारी के पद, अनुबंध, कंपनी की नीतियों और लागू कानूनों पर निर्भर करती है।
एचआर की निगरानी कौन करता है?
किसी भी कंपनी में एचआर विभाग पूरी तरह स्वतंत्र नहीं होता। उसकी जिम्मेदारियां और अधिकार कंपनी के प्रबंधन द्वारा तय किए जाते हैं।
सामान्य तौर पर एचआर एग्जीक्यूटिव अपने एचआर मैनेजर को रिपोर्ट करता है। एचआर मैनेजर विभागीय प्रमुख या एचआर डायरेक्टर को रिपोर्ट कर सकता है। वहीं वरिष्ठ एचआर अधिकारी सीईओ, प्रबंध निदेशक या अन्य अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी को रिपोर्ट कर सकते हैं।
बड़ी कंपनियों में एचआर विभाग के कामकाज की समीक्षा आंतरिक ऑडिट, अनुपालन विभाग और वरिष्ठ प्रबंधन के माध्यम से भी की जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कर्मचारी संबंधी फैसले कंपनी की नीतियों और लागू नियमों के अनुसार लिए जाएं।
क्या एचआर कर्मचारी की शिकायत की जा सकती है?
किसी कर्मचारी को यदि एचआर अधिकारी के व्यवहार, वेतन संबंधी निर्णय, छुट्टी, अनुचित दबाव या अन्य किसी कार्यस्थल संबंधी मामले में शिकायत है, तो वह कंपनी की निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया का उपयोग कर सकता है।
ऐसी शिकायत एचआर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित मैनेजर, प्रबंधन या कंपनी की अधिकृत शिकायत समिति के सामने रखी जा सकती है।
यदि शिकायत स्वयं एचआर प्रमुख के खिलाफ है, तो कर्मचारी कंपनी की नीति के अनुसार उच्च प्रबंधन, अनुपालन अधिकारी या स्वतंत्र शिकायत व्यवस्था से संपर्क कर सकता है।
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के लिए लागू कानून के अंतर्गत निर्धारित समिति या अन्य सक्षम व्यवस्था का उपयोग किया जाता है।
क्या एचआर को नौकरी से निकाला जा सकता है?
कंपनी के दूसरे कर्मचारियों की तरह एचआर अधिकारी की सेवाएं भी समाप्त की जा सकती हैं। हालांकि इसके लिए नियुक्ति की शर्तों, कंपनी की नीतियों और संबंधित कानूनों का पालन करना आवश्यक होता है।
यदि किसी एचआर अधिकारी पर गंभीर अनुशासनहीनता, गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग, धोखाधड़ी या अन्य कदाचार का आरोप लगता है, तो कंपनी मामले की जांच कर सकती है।
जांच और कानूनी आवश्यकताओं के आधार पर चेतावनी, अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई या सेवा समाप्ति का निर्णय लिया जा सकता है। हर मामले में प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती, क्योंकि कर्मचारी की कानूनी श्रेणी और नियुक्ति की शर्तें अलग हो सकती हैं।
एचआर की सैलरी और प्रमोशन कौन तय करता है?
एचआर कर्मचारियों का वेतन भी कंपनी की वेतन संरचना, अनुभव, योग्यता और जिम्मेदारियों के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
उनकी सैलरी बढ़ाने या प्रमोशन देने का फैसला अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी और प्रबंधन करते हैं। कई कंपनियों में प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर एचआर अधिकारियों की पदोन्नति की जाती है।
जिस तरह दूसरे विभागों के कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा होती है, उसी तरह एचआर विभाग के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया जा सकता है।
क्या एचआर कंपनी का मालिक होता है?
एचआर को लेकर एक बड़ी गलतफहमी यह है कि वह कंपनी में सभी कर्मचारियों से ऊपर होता है। वास्तव में ऐसा नहीं है। एचआर कंपनी के मानव संसाधन संबंधी कामकाज का प्रबंधन करता है, लेकिन उसका अधिकार उसके पद और कंपनी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों तक सीमित होता है।
कर्मचारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण, वेतन संशोधन और नौकरी समाप्ति जैसे मामलों में एचआर की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय किसका होगा, यह कंपनी की अधिकार व्यवस्था पर निर्भर करता है।
इसलिए एचआर को कंपनी का मालिक समझना सही नहीं है।
जानिए कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी
नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए अपने अधिकारों और कंपनी की नीतियों की जानकारी रखना जरूरी है। इससे वे समझ सकते हैं कि किस अधिकारी के पास कौन-सी जिम्मेदारी है और किसी समस्या की स्थिति में शिकायत कहां करनी चाहिए।
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, सेवा शर्तें, छुट्टी संबंधी नियम और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी रखनी चाहिए।
कुल मिलाकर, एचआर दूसरों की भर्ती प्रक्रिया संभालता है, लेकिन उसकी अपनी नियुक्ति भी कंपनी के अधिकृत अधिकारियों द्वारा की जाती है। एचआर कर्मचारियों को भी लागू कंपनी नीतियों और कानूनों का पालन करना होता है। पद और जिम्मेदारी के अनुसार अधिकार अलग हो सकते हैं, लेकिन केवल एचआर विभाग में काम करने से कोई कर्मचारी कंपनी के नियमों से ऊपर नहीं हो जाता।