जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई है. लेकिन आपकी इस खुशी पर ग्रहण लग सकता है. अगर आपको ऐसा लग रहा है कि सैलरी बढ़ने के बाद आपकी टेक होम सैलरी ज्यादा हो गई है तो आपके लिए बेहद काम की खबर है. नया वेज कोड (New Wage Code) लागू होने के बाद आपकी टेक होम सैलरी घटने के साथ आपके ऊपर टैक्स का बोझ भी बढ़ सकता है.

भत्तों में कटौती करनी होगी
किसी कर्मचारी की Cost-to-company (CTC) में तीन से चार कंपोनेंट होते हैं. बेसिक सैलरी, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), रिटायरमेंट बेनेफिट्स जैसे PF, ग्रेच्युटी और पेंशन और टैक्स बचाने वाले भत्ते जैसे- LTA और एंटरटेनमेंट अलाउंस. अब नए वेज कोड में ये तय हुआ है कि भत्ते कुल सैलरी से किसी भी कीमत पर 50 परसेंट से ज्यादा नहीं हो सकते. ऐसे में अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये महीना है. तो उसकी बेसिक सैलरी 25,000 रुपये होनी चाहिए और बाकी के 25,000 रुपये में उसके भत्ते आने चाहिए.
यानी अभी तक जो कंपनियां बेसिक सैलरी को 25-30 परसेंट रखती थीं, और बाकी का हिस्सा अलाउंस का होता था, वो अब बेसिक सैलरी को 50 परसेंट से कम नहीं रख सकती हैं. ऐसे में कंपनियों को नए वेज कोड के नियमों को लागू करने के लिए कई भत्तों में कटौती भी करनी पड़ेगी.


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