AI के खतरे पर दिग्गजों की चेतावनी एशियाई बाजारों में कंपनियों के शेयर गिरे
AI डेवलपमेंट पर बढ़ी चिंता एशियाई टेक शेयरों पर टूटा दबाव
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते विकास को लेकर दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की चेतावनी का असर सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में दिखाई दिया। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई की AI विकास की रफ्तार धीमी करने की अपील और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन के इस चिंता का समर्थन करने के बाद AI से जुड़े टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में तेज बिकवाली हुई। निवेशकों को आशंका है कि अगर अत्याधुनिक AI मॉडल के विकास की गति धीमी होती है तो डेटा सेंटर और चिप पर होने वाले भारी निवेश पर भी असर पड़ सकता है।
SoftBank से SK Hynix तक दबाव
जापान की SoftBank के शेयर कारोबार के दौरान 13 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। कंपनी OpenAI की प्रमुख निवेशकों में शामिल है और AI क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। जापान की Kioxia Holdings के शेयरों में भी करीब 10 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया में भी AI और मेमोरी चिप कंपनियों पर दबाव रहा। KOSPI शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत से ज्यादा नीचे चला गया। SK Hynix करीब 5 प्रतिशत और Samsung Electronics लगभग 3 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे।
क्यों बढ़ी AI की रफ्तार को लेकर चिंता?
Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने चेतावनी दी है कि AI की क्षमताएं जिस तेजी से आगे बढ़ रही हैं, उसी गति से सुरक्षा उपाय विकसित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने अपने लेख में कहा कि अत्याधुनिक AI मॉडल की क्षमताओं के विकास की गति को कम करने की जरूरत है ताकि सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
अमोदेई की चिंता को OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी समर्थन दिया। रिपोर्टों के मुताबिक xAI के एलन मस्क सहित AI उद्योग के अन्य प्रमुख नामों ने भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत पर सहमति जताई है।
निवेशकों को किस बात का डर?
पिछले कुछ वर्षों में AI की तेजी ने चिप निर्माताओं, डेटा सेंटर कंपनियों और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को बड़ी तेजी दी है। बाजार ने यह मानकर भारी निवेश किया है कि ज्यादा शक्तिशाली AI मॉडल तैयार करने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता और मेमोरी चिप की मांग लगातार बढ़ती रहेगी।
अब अगर सुरक्षा कारणों से AI मॉडल के विकास की गति कम होती है तो निवेशकों को आशंका है कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। इसी चिंता ने ऊंचे वैल्यूएशन वाले AI शेयरों में मुनाफावसूली और बिकवाली को बढ़ावा दिया।
AI बूम पर बाजार की अगली नजर
विशेषज्ञों के बीच AI के वास्तविक जोखिम और विकास की उचित गति को लेकर अभी एक राय नहीं है। एक तरफ AI से स्वास्थ्य, विज्ञान और उत्पादकता में बड़े फायदे की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ साइबर सुरक्षा, शक्तिशाली स्वायत्त AI एजेंट और मानव नियंत्रण से जुड़े जोखिमों पर चिंता बढ़ रही है।
एशियाई बाजारों की ताजा गिरावट ने साफ कर दिया है कि AI सुरक्षा पर होने वाली बहस अब केवल टेक्नोलॉजी जगत तक सीमित नहीं है। इसके संकेत सीधे वैश्विक शेयर बाजार और अरबों डॉलर के AI निवेश पर भी असर डाल सकते हैं।