बिजनेस डेस्क: टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। कुछ समूह कंपनियों के शेयर कारोबार के दौरान 20 प्रतिशत तक उछलने की खबर है। यह तेजी उन रिपोर्ट्स के बाद देखने को मिली, जिनमें दावा किया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने टाटा संस की ऐसी व्यवस्था से जुड़ी अर्जी स्वीकार नहीं की, जिससे वह अनलिस्टेड या निजी स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में बनी रह सके।
बाजार में इस खबर का सीधा संबंध टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग की उम्मीदों से जोड़कर देखा जा रहा है। निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज हुई कि यदि नियामकीय आवश्यकताओं के कारण टाटा संस को भविष्य में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना पड़ता है तो समूह की उन कंपनियों को फायदा हो सकता है जिनके पास टाटा संस में हिस्सेदारी है।
टाटा शेयरों में क्यों आई तेजी?
टाटा समूह की कुछ सूचीबद्ध कंपनियों की टाटा संस में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है। इसी वजह से टाटा संस की संभावित लिस्टिंग से जुड़ी कोई भी खबर इन कंपनियों के शेयरों पर असर डाल सकती है। निवेशक ऐसी हिस्सेदारी के संभावित मूल्य को ध्यान में रखकर शेयरों की खरीदारी कर सकते हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद टाटा समूह से जुड़े कुछ शेयरों में तेजी से खरीदारी बढ़ने की बात कही गई। कुछ शेयरों ने कारोबार के दौरान दोहरे अंक की बढ़त दर्ज की और अधिकतम तेजी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया।
लिस्टिंग की चर्चा फिर हुई तेज
टाटा संस एक होल्डिंग कंपनी है और टाटा समूह की कई प्रमुख कंपनियों में उसकी हिस्सेदारी है। RBI के नियामकीय ढांचे में इसकी स्थिति के कारण पिछले कुछ समय से संभावित लिस्टिंग को लेकर बाजार में चर्चा होती रही है।
हालांकि किसी आवेदन को लेकर नियामक का फैसला आने का अर्थ यह जरूरी नहीं है कि कंपनी का IPO तत्काल आने वाला है। लिस्टिंग से पहले नियामकीय, कानूनी और कॉरपोरेट स्तर पर कई प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। इसलिए बाजार में चल रही संभावित IPO की चर्चा को अंतिम घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
निवेशकों को सावधानी जरूरी
किसी शेयर में केवल संभावित IPO या नियामकीय खबर के आधार पर आई अचानक तेजी निवेशकों के लिए जोखिम भी पैदा कर सकती है। शेयरों की कीमत कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, बाजार परिस्थितियों और निवेशकों की धारणा सहित कई कारकों से प्रभावित होती है।
टाटा समूह के शेयरों में आई इस तेजी ने बाजार का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन टाटा संस की लिस्टिंग कब और किस प्रक्रिया के तहत होगी, इसे लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
फिलहाल निवेशकों की नजर RBI, टाटा संस और संबंधित कंपनियों की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी पर रहेगी। उसके बाद ही संभावित लिस्टिंग और इससे समूह की सूचीबद्ध कंपनियों पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।