भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और लोग अब खरीदारी से लेकर ऑनलाइन पेमेंट तक के लिए कार्ड पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के डेटा के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा ऑनलाइन शॉपिंग और ई-कॉमर्स का है।
RBI के आंकड़ों से पता चलता है कि डिजिटल खरीदारी का चलन बढ़ने के साथ क्रेडिट कार्ड खर्च का बड़ा भाग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जा रहा है। अप्रैल 2026 में भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च करीब ₹1.97 लाख करोड़ तक पहुंच गया था।
ई-कॉमर्स पर सबसे ज्यादा खर्च
ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, यात्रा बुकिंग और अन्य डिजिटल सेवाओं पर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बढ़ा है। मार्च 2026 में ई-कॉमर्स से जुड़े खर्च में तेज उछाल देखा गया, जिसने कुल क्रेडिट कार्ड खर्च को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
कहां-कहां करते हैं लोग क्रेडिट कार्ड से भुगतान?
1. ऑनलाइन शॉपिंग
फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन स्टोर्स पर लोग बड़े पैमाने पर कार्ड से भुगतान कर रहे हैं।
2. ट्रैवल और होटल बुकिंग
हवाई टिकट, होटल, छुट्टियों की योजना और यात्रा से जुड़े खर्चों में भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा है।
3. रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी
बड़े शहरों में बाहर खाने और ऑनलाइन फूड ऑर्डर के लिए कार्ड भुगतान आम हो गया है।
4. इलेक्ट्रॉनिक्स और महंगे सामान
मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और अन्य बड़े खर्चों के लिए लोग EMI और क्रेडिट कार्ड ऑफर का फायदा उठा रहे हैं।
5. यूटिलिटी बिल और डिजिटल सेवाएं
बिजली, मोबाइल रिचार्ज, OTT सब्सक्रिप्शन और अन्य सेवाओं के भुगतान में भी कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा है।
क्रेडिट कार्ड की संख्या भी तेजी से बढ़ी
RBI के आंकड़ों के अनुसार, भारत में क्रेडिट कार्ड की संख्या लगातार बढ़ रही है। जुलाई 2026 में बैंकों ने बड़ी संख्या में नए कार्ड जारी किए और कार्ड उपयोगकर्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
खर्च बढ़ने के साथ सावधानी जरूरी
क्रेडिट कार्ड सुविधा देता है, लेकिन बिना योजना के ज्यादा खर्च करने पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार्ड का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करें और समय पर पूरा बिल भुगतान करें।
क्रेडिट कार्ड से खर्च करने का नया ट्रेंड बताता है कि भारतीय ग्राहक अब पारंपरिक खरीदारी के साथ-साथ डिजिटल और ऑनलाइन सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। आने वाले समय में ई-कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट का हिस्सा और बढ़ने की संभावना है।
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