नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक कंपनी से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। **BLS E-Services Ltd** ने अपने इक्विटी शेयरों के स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। कंपनी के मौजूदा एक शेयर को दो शेयरों में बांटा जाएगा। इसके लिए रिकॉर्ड डेट **6 अक्टूबर 2026** तय की गई है। कंपनी ने यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी है।स्टॉक स्प्लिट का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब BLS E-Services के शेयर ने पिछले कुछ महीनों में मजबूत तेजी दर्ज की है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, बीते छह महीने में कंपनी के शेयर की कीमत करीब **120 प्रतिशत बढ़ी है**। 19 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में शेयर करीब 316 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, शेयर बाजार में तेजी या गिरावट भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होती और स्टॉक स्प्लिट अपने आप में निवेश से होने वाले लाभ की गारंटी नहीं देता।
1 शेयर के बदले मिलेंगे 2 शेयर
BLS E-Services के स्टॉक स्प्लिट का अनुपात **1:2** है। आसान भाषा में समझें तो जिस निवेशक के पास रिकॉर्ड डेट पर कंपनी का एक मौजूदा शेयर होगा, स्प्लिट के बाद उसके पास दो शेयर हो जाएंगे।कंपनी ने बताया है कि मौजूदा इक्विटी शेयर का फेस वैल्यू **10 रुपये** है। स्प्लिट के बाद इसे घटाकर **5 रुपये प्रति शेयर** किया जाएगा। यानी एक 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर को 5 रुपये फेस वैल्यू के दो शेयरों में विभाजित किया जाएगा।यहां यह समझना जरूरी है कि स्टॉक स्प्लिट में कंपनी के शेयरों की संख्या बढ़ती है, लेकिन केवल स्प्लिट के कारण निवेशक की कुल होल्डिंग वैल्यू में तत्काल कोई जादुई बढ़ोतरी नहीं होती। उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेशक के पास स्प्लिट से पहले एक शेयर है और बाजार कीमत लगभग 300 रुपये है, तो स्प्लिट के बाद सैद्धांतिक रूप से दो शेयर होंगे और प्रति शेयर कीमत लगभग आधी हो सकती है। वास्तविक बाजार कीमत मांग और आपूर्ति के आधार पर अलग हो सकती है।
6 अक्टूबर है रिकॉर्ड डेट
कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट के लिए **मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026** को रिकॉर्ड डेट तय किया है। इसी तारीख के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन पात्र शेयरधारकों को स्प्लिट के तहत नए शेयर मिलेंगे। कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग में भी 6 अक्टूबर की तारीख की पुष्टि की गई है।कंपनी के अनुसार, रिकॉर्ड डेट पर पात्र शेयरधारकों के मौजूदा शेयरों को दो-दो शेयरों में बांटा जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन को लेकर शेयरधारकों ने 15 सितंबर को हुई कंपनी की वार्षिक आम बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद कंपनी ने अपने मेमोरेंडम और आर्टिकल्स में जरूरी बदलाव किए और 18 सितंबर को रिकॉर्ड डेट की सूचना दी।
शेयर ने दिया 120 प्रतिशत रिटर्न
BLS E-Services के शेयर की हालिया तेजी इस खबर का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा है। 19 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर ने पिछले **छह महीनों में करीब 120 प्रतिशत की तेजी** दर्ज की है। तीन महीने की अवधि में इसमें करीब 40 प्रतिशत की बढ़त बताई गई है। 2026 में अब तक शेयर ने करीब 55 प्रतिशत रिटर्न दिया है।रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में शेयर करीब 316 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, उपलब्ध बाजार आंकड़ों में 18 सितंबर को BLS E-Services का बंद भाव करीब 316.50 रुपये दर्ज किया गया है।हालांकि, किसी शेयर का पिछला प्रदर्शन भविष्य में उसी तरह का रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन और बाजार परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
तीन बार दे चुकी है डिविडेंड
BLS E-Services ने हाल के वर्षों में निवेशकों को डिविडेंड भी दिया है। कंपनी के उपलब्ध कॉरपोरेट एक्शन रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 12 महीनों में कंपनी ने तीन मौकों पर डिविडेंड घोषित किया है। 2025 में 1 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था। इसके बाद फरवरी 2026 में 0.50 रुपये और सितंबर 2026 में भी 0.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया।8 सितंबर 2026 को शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड हुआ था। इसका मतलब यह है कि उस डिविडेंड के लिए पात्रता तय करने वाली रिकॉर्ड डेट पहले ही गुजर चुकी है। मौजूदा खबर का विषय डिविडेंड नहीं बल्कि अक्टूबर में होने वाला स्टॉक स्प्लिट है।
स्टॉक स्प्लिट आखिर क्यों किया जाता है?
स्टॉक स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य किसी कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू और प्रति शेयर बाजार कीमत को छोटे हिस्सों में विभाजित करना होता है। इससे शेयर की प्रति यूनिट कीमत कम हो सकती है और बाजार में छोटे मूल्य वाली शेयर इकाइयों में कारोबार संभव हो जाता है।उदाहरण के तौर पर अगर किसी कंपनी का एक शेयर 1,000 रुपये पर कारोबार कर रहा है और कंपनी 1:2 स्प्लिट करती है, तो सैद्धांतिक रूप से एक शेयर के बदले दो शेयर हो जाएंगे और कीमत समायोजित होकर करीब 500 रुपये प्रति शेयर के आसपास हो सकती है। वास्तविक कीमत बाजार की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।BLS E-Services के मामले में भी मौजूदा 10 रुपये फेस वैल्यू का एक शेयर दो 5 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों में बदलेगा।
निवेशकों की संख्या पर क्या असर पड़ेगा?
स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयरों की कुल संख्या बढ़ जाएगी। लेकिन कंपनी के कारोबार या कुल बाजार पूंजीकरण में केवल स्प्लिट के कारण कोई तत्काल बदलाव जरूरी नहीं है। निवेशक के पास शेयरों की संख्या दोगुनी होगी, लेकिन प्रति शेयर बाजार कीमत भी समायोजित होती है।इसलिए इसे सीधे बोनस शेयर की तरह अतिरिक्त संपत्ति मिलने के रूप में नहीं समझना चाहिए। बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट दोनों अलग कॉरपोरेट एक्शन हैं। BLS E-Services के मौजूदा रिकॉर्ड में इस समय घोषित कार्रवाई स्टॉक स्प्लिट है। उपलब्ध कॉरपोरेट रिकॉर्ड के अनुसार कंपनी ने 2000 के बाद से इससे पहले कोई स्टॉक स्प्लिट नहीं किया था।
कंपनी के शेयरों पर नजर क्यों?
BLS E-Services की यह कॉरपोरेट कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है जब शेयर में पिछले छह महीने में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी का शेयर सितंबर में अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर के आसपास भी कारोबार कर चुका है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों में 52-सप्ताह का उच्च स्तर करीब **331.30 रुपये** दर्ज है।10 सितंबर को शेयर का बंद भाव 316.60 रुपये दर्ज किया गया था, जबकि सितंबर की शुरुआत में यह 327 रुपये से ऊपर के स्तर पर भी कारोबार कर चुका था। इससे पता चलता है कि हालिया तेजी के साथ शेयर में उतार-चढ़ाव भी मौजूद है।सलिए केवल स्टॉक स्प्लिट की घोषणा के आधार पर शेयर की कीमत आगे कहां जाएगी, इसका अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
रिकॉर्ड डेट का निवेशकों के लिए क्या मतलब?
रिकॉर्ड डेट किसी कॉरपोरेट एक्शन के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान करने की महत्वपूर्ण तारीख होती है। BLS E-Services ने 6 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस तारीख से जुड़े पात्रता नियमों और शेयरों के क्रेडिट की प्रक्रिया के लिए निवेशकों को अपने ब्रोकर और डिपॉजिटरी की सूचना भी देखनी चाहिए।यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केवल किसी खबर को देखकर शेयर खरीदना या बेचना उचित नहीं माना जा सकता। स्टॉक स्प्लिट की खबर बाजार में पहले से उपलब्ध जानकारी का हिस्सा हो सकती है और शेयर की कीमत पर इसका असर कई कारकों पर निर्भर करता है।
क्या इससे कंपनी की वैल्यू बढ़ जाएगी?
सिर्फ स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की वास्तविक वैल्यू अपने आप नहीं बढ़ती। शेयरों की संख्या बढ़ती है और प्रति शेयर फेस वैल्यू घटती है। कुल इक्विटी का गणित उसी अनुपात में समायोजित होता है।कंपनी की वास्तविक बाजार वैल्यू कारोबार, मुनाफे, भविष्य की संभावनाओं, निवेशकों की धारणा और बाजार की स्थिति जैसे कई कारकों से प्रभावित होती है। इसलिए निवेशकों को स्टॉक स्प्लिट को कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन से अलग करके देखना चाहिए।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
BLS E-Services के शेयरधारकों के लिए फिलहाल सबसे अहम तारीख **6 अक्टूबर 2026** है। कंपनी के 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को दो 5 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों में विभाजित किया जाएगा। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू किया जा रहा है।कंपनी के शेयर ने बीते छह महीनों में करीब 120 प्रतिशत की तेजी दिखाई है, लेकिन यह पिछला प्रदर्शन है और इसे भविष्य के रिटर्न का संकेत नहीं माना जा सकता। स्टॉक स्प्लिट से शेयरों की संख्या बढ़ेगी, जबकि प्रति शेयर कीमत समायोजित होगी। इसलिए निवेशकों को कॉरपोरेट एक्शन को समझने के साथ कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और मौजूदा बाजार मूल्यांकन पर भी ध्यान देना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।