नई दिल्ली।बुढ़ापे में नियमित आय की व्यवस्था करना हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। खास तौर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे लोग, जिनके पास नौकरी से जुड़ी पेंशन की सुविधा नहीं है, उनके लिए केंद्र सरकार की **अटल पेंशन योजना (APY)** एक विकल्प है। इस योजना में उम्र और चुनी गई पेंशन राशि के आधार पर नियमित योगदान करना होता है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी को हर महीने **1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की गारंटीड न्यूनतम पेंशन** का प्रावधान है।
अटल पेंशन योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में की थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था के दौरान आय सुरक्षा उपलब्ध कराना है। योजना को पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण यानी PFRDA द्वारा संचालित किया जाता है। बैंक या डाकघर के माध्यम से पात्र व्यक्ति इसमें खाता खोल सकते हैं।
योजना की खास बात यह है कि जितनी कम उम्र में निवेश शुरू किया जाता है, मासिक योगदान उतना कम रहता है। उदाहरण के लिए, **18 वर्ष की उम्र में योजना से जुड़कर 60 साल की उम्र के बाद 1,000 रुपये मासिक पेंशन का विकल्प चुनने पर लगभग 42 रुपये प्रति माह योगदान** करना होता है। यही वह आंकड़ा है, जिसके आधार पर योजना को अक्सर ‘42 रुपये महीने में पेंशन’ के रूप में बताया जाता है।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि **हर व्यक्ति के लिए योगदान 42 रुपये नहीं है।** निवेश की राशि प्रवेश की उम्र और 60 साल के बाद चुनी गई पेंशन पर निर्भर करती है। यदि कोई व्यक्ति ज्यादा उम्र में योजना से जुड़ता है या 5,000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन चाहता है तो उसे अधिक योगदान करना होगा।
18 से 40 साल तक की उम्र में ले सकते हैं योजना**
अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यानी अधिकतम 40 वर्ष की उम्र तक योजना में प्रवेश किया जा सकता है। इसके बाद ग्राहक को 60 वर्ष की उम्र तक निर्धारित योगदान जारी रखना होता है।
उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष की उम्र में योजना से जुड़ता है तो उसके पास निवेश के लिए करीब 42 वर्षों का समय रहता है। लंबी अवधि के कारण उसका मासिक योगदान कम हो सकता है। वहीं अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में योजना शुरू करता है तो उसके पास केवल 20 वर्षों का योगदान काल होता है, इसलिए समान पेंशन के लिए उसकी किस्त अधिक होगी।
₹1,000 से ₹5,000 तक पेंशन का विकल्प**
योजना के तहत ग्राहक अपनी जरूरत और योगदान क्षमता के अनुसार 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये या 5,000 रुपये की मासिक न्यूनतम पेंशन का विकल्प चुन सकता है। चयनित राशि 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन के रूप में मिलती है।
अगर 18 साल का व्यक्ति 1,000 रुपये की मासिक पेंशन चुनता है तो निर्धारित योगदान करीब 42 रुपये प्रति माह है। इसी उम्र में 5,000 रुपये की पेंशन का विकल्प चुनने पर योगदान करीब 210 रुपये प्रति माह होता है। उम्र बढ़ने के साथ ये योगदान राशि भी बढ़ती जाती है।
यही कारण है कि योजना में जल्दी शामिल होने पर अपेक्षाकृत कम रकम से शुरुआत की जा सकती है। हालांकि किसी व्यक्ति को अपनी आय, भविष्य की जरूरतों और महंगाई को ध्यान में रखकर पेंशन विकल्प चुनना चाहिए।
पति या पत्नी को भी मिलता है लाभ
अटल पेंशन योजना में परिवार के लिए भी प्रावधान किया गया है। 60 वर्ष की उम्र के बाद ग्राहक को निर्धारित पेंशन मिलती है। ग्राहक की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को वही पेंशन मिलती रह सकती है।
ग्राहक और उसके पति या पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद नामित व्यक्ति यानी नॉमिनी को योजना के नियमों के अनुसार संचित पेंशन संपत्ति लौटाई जाती है। इसलिए योजना केवल खाताधारक तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें परिवार की वित्तीय सुरक्षा का भी प्रावधान है।
बैंक खाते से अपने आप कटता है योगदान
अटल पेंशन योजना में योगदान बैंक खाते या डाकघर बचत खाते से ऑटो-डेबिट के जरिए जमा किया जा सकता है। इससे हर बार अलग से भुगतान करने की जरूरत नहीं होती। ग्राहक को यह सुनिश्चित करना होता है कि निर्धारित तारीख के आसपास खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध हो।
योगदान मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर किया जा सकता है। इससे अलग-अलग आय पैटर्न वाले लोगों को भुगतान की सुविधा मिलती है। असंगठित क्षेत्र में कई लोगों की आय नियमित मासिक वेतन के रूप में नहीं होती, इसलिए अलग-अलग योगदान आवृत्ति का विकल्प उपयोगी हो सकता है।
आयकरदाता के लिए महत्वपूर्ण नियम
अटल पेंशन योजना की पात्रता में एक महत्वपूर्ण बदलाव अक्टूबर 2022 से लागू हुआ था। **1 अक्टूबर 2022 से कोई ऐसा व्यक्ति नया APY खाता नहीं खोल सकता, जो आवेदन की तारीख को आयकरदाता है या रहा है**, जैसा कि योजना के मौजूदा नियमों में निर्धारित है।
इसलिए योजना में नया आवेदन करने से पहले पात्रता की शर्तों को समझना जरूरी है। केवल उम्र 18 से 40 वर्ष होना पर्याप्त नहीं है; आयकरदाता से संबंधित मौजूदा नियम भी लागू होते हैं।
कैसे खोल सकते हैं APY खाता?
अटल पेंशन योजना से जुड़ने के लिए पात्र व्यक्ति अपने बैंक या डाकघर से संपर्क कर सकता है। जिस बैंक में बचत खाता है, वहां योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। कई बैंक डिजिटल माध्यम से भी APY में नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर और नॉमिनी से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है। इसके बाद ग्राहक अपनी पसंद की पेंशन राशि चुनता है और उसी के अनुसार योगदान निर्धारित होता है।
42 रुपये वाली बात को सही तरीके से समझना जरूरी
सोशल मीडिया या कई रिपोर्टों में अटल पेंशन योजना को ‘सिर्फ 42 रुपये में पेंशन’ कहा जाता है। यह बात अधूरी हो सकती है। वास्तव में 42 रुपये **प्रतिमाह** का योगदान उस उदाहरण पर लागू होता है, जिसमें व्यक्ति **18 वर्ष की उम्र में योजना में प्रवेश करता है और 60 वर्ष के बाद 1,000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन चुनता है।**
इसे सभी आयु वर्गों या सभी पेंशन विकल्पों के लिए समान किस्त नहीं समझना चाहिए। उदाहरण के लिए 5,000 रुपये की पेंशन के लिए योगदान अधिक होगा और 18 वर्ष से अधिक उम्र में शुरुआत करने पर भी किस्त बढ़ जाएगी।
इसके अलावा 1,000 से 5,000 रुपये की तय पेंशन को भविष्य की महंगाई के संदर्भ में भी समझना चाहिए। लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्य बनाते समय केवल एक योजना पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार अन्य बचत और निवेश विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
कुल मिलाकर अटल पेंशन योजना उन पात्र लोगों के लिए बनाई गई है जो नियमित छोटी राशि जमा करके 60 वर्ष के बाद निश्चित न्यूनतम मासिक पेंशन की व्यवस्था चाहते हैं। कम उम्र में योजना शुरू करने पर योगदान कम रहता है। 18 वर्ष की उम्र में 1,000 रुपये मासिक पेंशन के विकल्प के लिए 42 रुपये प्रति माह से शुरुआत संभव है, जबकि अधिक पेंशन या अधिक उम्र में प्रवेश करने पर योगदान बढ़ जाता है।
इसलिए योजना में शामिल होने से पहले अपनी उम्र के अनुसार लागू योगदान राशि, चुनी गई पेंशन, पात्रता और निकासी से जुड़े नियमों को आधिकारिक APY चार्ट और बैंक से जरूर जांच लेना चाहिए।