नई दिल्ली : मंगलवार 28 जुलाई को सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी का भाव एक दिन में करीब 5,400 रुपये तक कम हो गया है। बाजार में चांदी की कीमत अब 2,15,822 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को चांदी का भाव करीब 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। ऐसे में अगर आप चांदी खरीदने या इसमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो आज के ताजा भाव जानना आपके लिए जरूरी है।
चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट का असर देश के कई बड़े शहरों के सर्राफा बाजार में देखने को मिला। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में सिल्वर के रेट में कमी दर्ज की गई है। हालांकि अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स और बाजार की स्थिति के आधार पर चांदी की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।
देश की राजधानी दिल्ली के बुलियन मार्केट में मंगलवार को एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,15,822 रुपये रहा। यहां चांदी की कीमत में करीब 5,400 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। वहीं ज्वैलरी मार्केट में 10 ग्राम चांदी का भाव करीब 2,158 रुपये और 100 ग्राम चांदी की कीमत लगभग 21,580 रुपये रही।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई। यहां एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,18,036 रुपये रहा। लखनऊ में चांदी करीब 4,955 रुपये सस्ती हुई है। इससे पहले सोमवार को यहां चांदी का भाव करीब 2.18 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
बिहार की राजधानी पटना में भी सिल्वर के रेट में कमी आई है। यहां मंगलवार को चांदी की कीमत 2,16,306 रुपये प्रति किलोग्राम रही। पटना के बाजार में चांदी करीब 4,916 रुपये सस्ती हुई है। वहीं राजस्थान के जयपुर में चांदी का भाव 2,15,546 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। जयपुर में चांदी की कीमत में करीब 5,677 रुपये की गिरावट देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के हालात अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के दौरान सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है।
हालांकि अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कुछ सुधार आने और तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद निवेशकों की चिंता थोड़ी कम हुई है। इसका असर सोने और चांदी दोनों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा तेल की सप्लाई और महंगाई को लेकर बाजार की चिंताओं में कमी आने से भी कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी आई है।
चांदी की कीमतों पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग का भी बड़ा असर पड़ता है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ आभूषणों में ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाता है। ऐसे में इंडस्ट्री की मांग बढ़ने या घटने से भी इसकी कीमतों में बदलाव देखने को मिलता है।
निवेशकों के लिए चांदी लंबे समय से एक पसंदीदा विकल्प रही है। कम कीमत पर खरीदारी करने वाले निवेशक अक्सर गिरावट के समय बाजार पर नजर रखते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कीमती धातु में निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति, कीमतों का ट्रेंड और अपने वित्तीय लक्ष्य जरूर ध्यान में रखना चाहिए।
अगर आप चांदी के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं तो खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें। साथ ही चांदी की शुद्धता की पुष्टि के लिए हॉलमार्क और बिल जरूर लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।