18 अगस्त को टाटा संस की बैठक में आ सकती है कोरम की समस्या ट्रस्ट विवाद का असर
टाटा संस AGM पर संकट के बादल रतन टाटा ट्रस्ट विवाद के बीच बढ़ी मुश्किलें
मुंबई: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) पर कोरम की समस्या का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) से जुड़ा रेगुलेटरी विवाद बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के एक आदेश के कारण सर रतन टाटा ट्रस्ट फिलहाल ट्रस्टी बैठक आयोजित नहीं कर पा रहा है। इसके चलते वह Tata Sons AGM के लिए जरूरी प्रतिनिधि नामित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका है।
AGM में आ सकती है बड़ी अड़चन
Tata Sons के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के अनुसार, AGM के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों में सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की संयुक्त भागीदारी जरूरी होती है। SRTT की ओर से प्रतिनिधि नियुक्त नहीं होने के कारण बैठक के वैध संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
सर रतन टाटा ट्रस्ट पर क्या है विवाद?
सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड गठन को लेकर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने मामला चल रहा है। इसी जांच के चलते ट्रस्ट की आंतरिक बैठकें प्रभावित हुई हैं। ट्रस्ट Tata Sons में बड़ी हिस्सेदारी रखता है और इसकी भूमिका कंपनी के शासन ढांचे में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के भविष्य पर भी नजर
18 अगस्त की AGM में Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के डायरेक्टर पद से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होनी है। ऐसे में AGM का महत्व और बढ़ गया है। चंद्रशेखरन ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद आगे चेयरमैन पद की जिम्मेदारी नहीं संभालने का फैसला किया है।
Tata Group के लिए अहम समय
Tata Sons देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक Tata Group की प्रमुख कंपनी है। ऐसे में AGM में आने वाली किसी भी प्रशासनिक या प्रबंधन संबंधी बाधा पर उद्योग जगत की नजर बनी हुई है।
फिलहाल कंपनी की ओर से AGM की निर्धारित तारीख में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बैठक तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने की तैयारी जारी है।