अहमदाबाद। गुजरात में तेजी से विकसित हो रहे मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर सेक्टर में एक युवा उद्यमी ने कदम रखा है। अहमदाबाद के रहने वाले 18 वर्षीय रेहान मंसूरी ने 'माइक्रोनेक्स' (Micronex) नाम से स्टार्टअप शुरू किया है। यह कंपनी गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए 'लीड फ्रेम' का निर्माण करेगी। राज्य में करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के बीच इस युवा उद्यमी की पहल चर्चा में है।माइक्रोनेक्स की योजना ऐसे सटीक धातु ढांचे यानी प्रिसीजन मेटल स्ट्रक्चर तैयार करने की है, जिनका इस्तेमाल सेमीकंडक्टर चिप की पैकेजिंग के दौरान किया जाता है। ये ढांचे चिप पैकेजिंग के लिए एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक आधार का काम करते हैं। कंपनी का फोकस लीड फ्रेम के निर्माण पर रहेगा।
लीड फ्रेम बेहद पतले धातु के फ्रेम होते हैं। सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण और पैकेजिंग प्रक्रिया में इनकी अहम भूमिका होती है। चिप पैकेजिंग के दौरान ये एक तरह के स्ट्रक्चरल बैकबोन का काम करते हैं। ऐसे में सेमीकंडक्टर से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में लीड फ्रेम की अपनी महत्वपूर्ण जगह है।अहमदाबाद के 18 वर्षीय रेहान मंसूरी ने इसी क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए माइक्रोनेक्स की शुरुआत की है। कंपनी साणंद में अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां विकसित करेगी। गुजरात का साणंद पहले से औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है और अब सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योगों की मौजूदगी भी यहां बढ़ रही है।माइक्रोनेक्स के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम नई दिल्ली में आयोजित 'SEMICON India 2026' के दौरान सामने आया। 17 से 19 सितंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में माइक्रोनेक्स और केन्स सेमीकॉन (Kaynes Semicon) के बीच बिजनेस पार्टनरशिप के लिए एक समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
आधिकारिक बयान के मुताबिक यह समझौता दोनों कंपनियों के बीच व्यावसायिक साझेदारी से जुड़ा है। माइक्रोनेक्स सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए जरूरी लीड फ्रेम बनाने पर काम करेगी। इस साझेदारी के जरिए युवा उद्यमी की कंपनी ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।SEMICON India 2026 जैसे आयोजन सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों, निवेशकों, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्यमों को एक मंच पर लाते हैं। इसी कार्यक्रम के दौरान माइक्रोनेक्स और केन्स सेमीकॉन के बीच हुए MoU ने रेहान मंसूरी के स्टार्टअप को चर्चा में ला दिया।
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में केवल चिप का निर्माण ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उससे जुड़े कई छोटे-बड़े कंपोनेंट और पैकेजिंग सामग्री की भी जरूरत पड़ती है। लीड फ्रेम इसी सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये बेहद सटीक तरीके से तैयार किए जाने वाले पतले धातु के ढांचे होते हैं।चिप पैकेजिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाले इन फ्रेम को तैयार करने के लिए प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग की जरूरत होती है। माइक्रोनेक्स इसी क्षेत्र में काम करने जा रही है। कंपनी का उद्देश्य साणंद में इन जरूरी कंपोनेंट का निर्माण करना है।
गुजरात में सेमीकंडक्टर से जुड़े निवेश और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के बढ़ने के साथ इससे जुड़े सहायक उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं। बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के आसपास सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों की जरूरत होती है। इनमें उपकरण, पैकेजिंग और अलग-अलग कंपोनेंट तैयार करने वाली कंपनियां शामिल हो सकती हैं।ऐसे माहौल में माइक्रोनेक्स का लीड फ्रेम निर्माण के क्षेत्र में प्रवेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी सीधे उस कंपोनेंट पर काम करेगी जो सेमीकंडक्टर चिप की पैकेजिंग प्रक्रिया का हिस्सा है।
रेहान मंसूरी की उम्र इस पहल को खास बनाती है। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू किया है। आम तौर पर सेमीकंडक्टर उद्योग को बड़े निवेश, उच्च तकनीकी विशेषज्ञता और सटीक मैन्युफैक्चरिंग से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे क्षेत्र में एक युवा उद्यमी का प्रवेश नए स्टार्टअप की संभावनाओं को सामने लाता है।माइक्रोनेक्स की योजना साणंद में लीड फ्रेम तैयार कर सेमीकंडक्टर कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने की है। इसके जरिए कंपनी चिप मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग से जुड़ी सप्लाई चेन का हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
गुजरात का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये का बताया गया है। बड़े निवेश के साथ राज्य में इस सेक्टर का विस्तार होने से कई तरह के सहायक उद्योगों और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं। माइक्रोनेक्स भी इसी विकसित होते इकोसिस्टम में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।
लीड फ्रेम देखने में भले ही बेहद पतले धातु के ढांचे होते हैं, लेकिन चिप पैकेजिंग में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। चिप को पैकेजिंग के दौरान जरूरी संरचनात्मक आधार देने के कारण इनके निर्माण में सटीकता जरूरी होती है। माइक्रोनेक्स इसी तरह के प्रिसीजन मेटल स्ट्रक्चर तैयार करेगी।नई दिल्ली में हुए SEMICON India 2026 के दौरान केन्स सेमीकॉन के साथ समझौता माइक्रोनेक्स के लिए कारोबारी स्तर पर महत्वपूर्ण कदम है। यह MoU कंपनी को सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े व्यावसायिक नेटवर्क में आगे बढ़ने का अवसर देता है।
साणंद में लीड फ्रेम का निर्माण शुरू होने से माइक्रोनेक्स गुजरात के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगी। कंपनी का फोकस ऐसे जरूरी कंपोनेंट पर है जिसकी जरूरत चिप पैकेजिंग प्रक्रिया में होती है।कुल मिलाकर गुजरात के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में 18 वर्षीय रेहान मंसूरी की एंट्री ने ध्यान खींचा है। अहमदाबाद के इस युवा उद्यमी ने माइक्रोनेक्स नाम से स्टार्टअप शुरू कर साणंद में लीड फ्रेम बनाने की तैयारी की है। वहीं SEMICON India 2026 में केन्स सेमीकॉन के साथ बिजनेस पार्टनरशिप के लिए हुआ MoU कंपनी के लिए इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अहम कदम माना जा रहा है।
Tags: