नई दिल्ली: सांस्कृतिक जुड़ाव की एक अनोखी पहल के तहत, बीजेपी नेता नितिन नवीन ने राजधानी में तैनात 82 देशों के राजनयिकों को खास तौर पर तैयार किए गए प्रीमियम भारतीय आमों के बॉक्स भेजे हैं।
इन बॉक्स में भारत की चार सबसे मशहूर आम की किस्में शामिल थीं - केसर, दशहरी, बंगनपल्ली और लंगड़ा - जो अपने खास स्वाद, खुशबू और क्षेत्रीय पहचान के लिए जानी जाती हैं।
इस पहल का मकसद भारत की समृद्ध बागवानी विरासत को दिखाना और गर्मियों के इस सबसे पसंदीदा फल की वैश्विक लोकप्रियता को उजागर करना है।
आमों के साथ, नवीन ने एक पर्सनल नोट भी भेजा जिसमें उन्होंने शुभकामनाएं दीं और इस फल के सांस्कृतिक महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने इसे मेहमाननवाज़ी, दोस्ती और भारत की कृषि विरासत का प्रतीक बताया।
इस कदम को सांस्कृतिक कूटनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें भारत के मशहूर फलों में से एक का इस्तेमाल करके राजधानी में राजनयिक समुदाय के साथ सद्भावना और जुड़ाव को मज़बूत किया जा रहा है।
भारत दुनिया में आम के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। केसर, दशहरी, बंगनपल्ली और लंगड़ा जैसी किस्मों को उनके स्वाद और गुणवत्ता के लिए देश और विदेश में खूब पसंद किया जाता है।
गुजरात के गिरनार इलाके में उगाया जाने वाला केसर आम अपने केसरिया रंग के गूदे, मिठास और तेज़ खुशबू के लिए जाना जाता है। इसे 2011 में ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग मिला था।
उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद से आने वाले दशहरी आम की खासियत इसका पतला छिलका, बिना रेशे वाला गूदा और भरपूर मीठा स्वाद है। इसे 2009 में GI पहचान मिली थी।
आंध्र प्रदेश में उगाया जाने वाला बंगनपल्ली आम अपने बड़े आकार, सुनहरे-पीले छिलके और सख्त, बिना रेशे वाले गूदे के लिए जाना जाता है। इसे 2017 में GI टैग मिला था।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से जुड़ा लंगड़ा आम पकने के बाद भी हरा रहता है और अपने मीठे-खट्टे स्वाद और तेज़ खुशबू के लिए जाना जाता है। इसे 2023 में GI टैग दिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के अपने पिछले एपिसोड में भारत में आम की अलग-अलग किस्मों का ज़िक्र किया था और कहा था कि हर इलाके के आम का अपना स्वाद और खुशबू होती है।