बिजनेस : LAPL Automotive IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सोमवार को दोपहर 1:04 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का आईपीओ कुल 162.53 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। रिटेल निवेशकों की ओर से भी इस इश्यू को जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 208.15 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में इसे 48.48 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
LAPL Automotive का आईपीओ निवेशकों के लिए आज यानी 10 अगस्त को बंद हो रहा है। ऐसे में जो निवेशक इस SME IPO में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए आवेदन करने का यह आखिरी मौका है। बाजार में आईपीओ को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है और ग्रे मार्केट में भी इसके प्रीमियम को लेकर मजबूत संकेत मिल रहे हैं।
इस SME IPO के लिए एंकर निवेशकों की प्रक्रिया 5 अगस्त को शुरू हुई थी। कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब 9.18 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद 6 अगस्त को आम निवेशकों के लिए आईपीओ खुला। अब 10 अगस्त को आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। कंपनी की योजना अपने शेयरों को बीएसई SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कराने की है।
LAPL Automotive IPO का प्राइस बैंड 88 रुपये से 94 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी ने एक लॉट में 1200 शेयर रखे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रिटेल निवेशकों को न्यूनतम दो लॉट यानी 2400 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। ऊपरी प्राइस बैंड 94 रुपये के हिसाब से देखें तो इसके लिए न्यूनतम 2,25,600 रुपये की राशि की जरूरत होगी। SME IPO में न्यूनतम आवेदन राशि सामान्य मेनबोर्ड IPO की तुलना में काफी अधिक होने के बावजूद निवेशकों की ओर से इसे मजबूत प्रतिक्रिया मिली है।
कंपनी के आईपीओ का कुल आकार 32.40 करोड़ रुपये है। यह पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों पर आधारित है। यानी आईपीओ के जरिए जारी किए जा रहे शेयर नए हैं और मौजूदा शेयरधारक इस इश्यू में अपने शेयर बेचकर ऑफर फॉर सेल के जरिए रकम नहीं जुटा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कंपनी की योजना महाराष्ट्र के औरंगाबाद में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की है। इसके लिए आईपीओ से जुटाई गई राशि में से करीब 19.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा लगभग 4.79 करोड़ रुपये मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
ग्रे मार्केट में भी LAPL Automotive IPO को लेकर सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब 37 रुपये पर चल रहा था। कंपनी के शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड 94 रुपये है। ऐसे में 37 रुपये के GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग करीब 131 रुपये के आसपास हो सकती है। इस हिसाब से ग्रे मार्केट करीब 39 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।
हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक या सुनिश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं होता। GMP बाजार की अनौपचारिक गतिविधियों पर आधारित होता है और लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
LAPL Automotive के शेयरों की बीएसई SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग 13 अगस्त को प्रस्तावित है। अब निवेशकों की नजर आईपीओ की अंतिम सब्सक्रिप्शन स्थिति, अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर रहेगी। 162 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन यह बताता है कि इस इश्यू को लेकर बाजार में काफी दिलचस्पी है, लेकिन भारी ओवरसब्सक्रिप्शन का मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक को शेयर जरूर मिलेंगे।
SME IPO में निवेश करते समय निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, कर्ज, भविष्य की योजनाओं और इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल को ध्यान से समझना चाहिए। LAPL Automotive के मामले में नई यूनिट लगाने और कर्ज चुकाने की योजना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में नई यूनिट से कारोबार और मुनाफे में कितना सुधार होता है, यह भी निवेशकों के लिए अहम रहेगा।