बिजनेस : शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। एक कंपनी अपने शेयरधारकों को 1:1 बोनस शेयर देने जा रही है। यानी जिन निवेशकों के पास कंपनी के एक शेयर होंगे, उन्हें एक अतिरिक्त शेयर मुफ्त में दिया जाएगा। कंपनी ने बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट भी तय कर दी है, जो इसी हफ्ते पड़ रही है।
कम कीमत वाले शेयरों में रुचि रखने वाले निवेशकों की नजर अब इस कंपनी के स्टॉक पर बनी हुई है। कंपनी के शेयर की कीमत 50 रुपये से कम बताई जा रही है, जिसके कारण यह स्टॉक छोटे निवेशकों के बीच चर्चा में है। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और बाजार जोखिम को समझना जरूरी होता है।
1:1 बोनस शेयर का क्या मतलब है?
जब कोई कंपनी बोनस शेयर जारी करती है तो वह अपने मौजूदा शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयर मुफ्त में देती है। 1:1 बोनस का मतलब है कि अगर किसी निवेशक के पास रिकॉर्ड डेट तक कंपनी का एक शेयर मौजूद है तो उसे एक और शेयर मुफ्त मिलेगा।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी निवेशक के पास कंपनी के 100 शेयर हैं तो बोनस जारी होने के बाद उसके खाते में अतिरिक्त 100 शेयर जुड़ जाएंगे। हालांकि, बोनस के बाद शेयर की कीमत में उसी अनुपात में समायोजन किया जाता है, जिससे कंपनी का कुल बाजार मूल्य लगभग समान रहता है।
रिकॉर्ड डेट क्यों होती है खास?
रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है जिस दिन कंपनी अपने शेयरधारकों की सूची तैयार करती है। जिन निवेशकों के नाम उस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं, वे ही बोनस शेयर पाने के पात्र होते हैं।
इसलिए जो निवेशक बोनस शेयर का फायदा लेना चाहते हैं, उन्हें रिकॉर्ड डेट से पहले कंपनी के शेयर खरीदने और होल्ड करने की जरूरत होती है। शेयर बाजार में रिकॉर्ड डेट से पहले अक्सर निवेशकों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
50 रुपये से कम कीमत वाला स्टॉक चर्चा में
कम कीमत वाले शेयर अक्सर छोटे निवेशकों का ध्यान आकर्षित करते हैं क्योंकि इनमें कम पूंजी से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसी वजह से 50 रुपये से कम कीमत वाले इस स्टॉक में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
हालांकि, केवल शेयर की कम कीमत देखकर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। किसी कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल, आय, कर्ज, भविष्य की योजनाएं और प्रबंधन की क्षमता जैसे पहलुओं को देखना जरूरी होता है।
बोनस शेयर से निवेशकों को क्या फायदा?
बोनस शेयर मिलने से निवेशकों के पास कंपनी के शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। इससे लंबे समय में अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है तो निवेशकों को फायदा मिल सकता है।
इसके अलावा बोनस शेयर कंपनी के प्रति प्रबंधन के भरोसे को भी दिखाता है। कई कंपनियां अपने निवेशकों को पुरस्कृत करने और शेयरों में तरलता बढ़ाने के लिए बोनस शेयर जारी करती हैं।
निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान
शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के साथ आता है। बोनस शेयर मिलने का मतलब यह नहीं होता कि निवेशक को तुरंत फायदा होगा। शेयर की कीमत बाजार की स्थिति, कंपनी के प्रदर्शन और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर ऊपर-नीचे हो सकती है।
निवेशकों को कंपनी के पिछले रिकॉर्ड, तिमाही नतीजों, प्रमोटर हिस्सेदारी और भविष्य की योजनाओं का अध्ययन करना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।
फिलहाल 1:1 बोनस शेयर और रिकॉर्ड डेट की वजह से यह कंपनी बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। कम कीमत वाले शेयरों में रुचि रखने वाले निवेशक इस पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन निवेश का फैसला पूरी जानकारी और रिसर्च के बाद ही लेना चाहिए।
Tags: