जियो का आईपीओ और Q2 नतीजे तय करेंगे बाजार का रुख, कच्चे तेल पर भी रहेगी नजर
नई दिल्ली: आने वाले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजारों में काफी हलचल रहने की उम्मीद है। निवेशक तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और बहुप्रतीक्षित 'जियो प्लेटफॉर्म्स IPO' पर नजर रखेंगे। वैश्विक घटनाक्रम और करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मंगलवार को दशहरा के मौके पर बाजार बंद रहेंगे, इसलिए इस हफ्ते ट्रेडिंग के दिन कम होंगे।
बाजार में जोरदार रिकवरी
पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। आईटी शेयरों में खरीदारी और निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने बाजार को सहारा दिया।
BSE सेंसेक्स 2,256.94 अंक (3.11%) उछला, जबकि NSE निफ्टी में 625.7 अंक (2.77%) की बढ़त दर्ज की गई।
'एनरिच मनी' के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि लगातार दो हफ्तों की तेजी के बाद बाजार ने रफ्तार पकड़ी है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बॉन्ड यील्ड अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं।
निवेशक अब यह देखेंगे कि क्या आईटी शेयरों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी खरीदारी बढ़ती है, जिससे पूरे बाजार में रिकवरी को और मजबूती मिल सके।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर नजर
अगले हफ्ते की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक ₹30,213 करोड़ का 'जियो प्लेटफॉर्म्स IPO' है, जो 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस सब्सिडियरी कंपनी ने अपने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
इस पब्लिक इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि इतने बड़े IPO का असर बाजार की लिक्विडिटी (नकदी) और निवेशकों द्वारा फंड के आवंटन पर पड़ सकता है।
बैंकिंग और कॉर्पोरेट नतीजे
प्रमुख निजी बैंकों के सितंबर तिमाही के शानदार नतीजों के बाद, बैंकिंग शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
HDFC बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 5.55% बढ़कर ₹20,700 करोड़ हो गया, जबकि ICICI बैंक का मुनाफा 22.28% उछलकर ₹16,333.18 करोड़ पर पहुंच गया।
वहीं, एक्सिस बैंक का नेट प्रॉफिट 39.4% बढ़कर ₹7,704.67 करोड़ रहा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, कोफोर्ज, स्विगी और अन्य कंपनियों के आने वाले नतीजे शेयरों में हलचल पैदा करेंगे।
कच्चा तेल और विदेशी निवेशक
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की चाल तय करने वाले अहम कारक बने रहेंगे।
निवेशक विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश प्रवाह और रुपये-डॉलर की चाल पर भी नजर रखेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाजार में हाल ही में आई तेजी आगे भी बनी रह सकती है या नहीं।