Instagram ने AI अकाउंट्स के लिए बढ़ाई पारदर्शिता बदला टैग
Instagram ने बदला AI Creator टैग
नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाए गए वर्चुअल लोगों और इन्फ्लुएंसर्स की पहचान को ज्यादा स्पष्ट बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपने मौजूदा ‘AI Creator’ लेबल का नाम बदलकर ‘AI-Generated Profile’ कर दिया है। इसका उद्देश्य यूजर्स को साफ तौर पर बताना है कि जिस प्रोफाइल पर वे किसी व्यक्ति को देख रहे हैं, वह वास्तविक इंसान है या AI की मदद से तैयार किया गया किरदार।
Instagram का कहना है कि जनरेटिव AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई प्रोफाइल दिखाई देने लगे हैं जो पहली नजर में वास्तविक लोगों के अकाउंट जैसे लगते हैं। बाद में यूजर्स को पता चलता है कि प्रोफाइल में दिख रहा व्यक्ति पूरी तरह AI-जनरेटेड है। यूजर्स से मिले इसी फीडबैक के बाद कंपनी ने लेबल की भाषा को ज्यादा स्पष्ट बनाने का फैसला किया है।
नया AI-Generated Profile लेबल खास तौर पर उन अकाउंट्स के लिए है जिनकी पहचान किसी AI-जनरेटेड व्यक्ति या वर्चुअल कैरेक्टर पर आधारित है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर उस क्रिएटर को यह लेबल लगाना होगा जो अपने काम में AI टूल का इस्तेमाल करता है। उदाहरण के लिए फोटो एडिट करने, कैप्शन बेहतर बनाने, ग्राफिक्स तैयार करने या दूसरे क्रिएटिव कामों में AI का सामान्य इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह प्रोफाइल लेबल जरूरी नहीं है।
जिन क्रिएटर्स ने पहले AI Creator लेबल लगाया हुआ था, उन्हें अब नया नाम दिखाई देगा। वे इसकी समीक्षा करके पुष्टि कर सकते हैं कि नया AI-Generated Profile लेबल उनके अकाउंट पर लागू होता है या नहीं। AI व्यक्ति पर आधारित प्रोफाइल चलाने वाले क्रिएटर्स अपनी प्रोफाइल एडिट करके इस लेबल को सक्रिय कर सकते हैं। इसके बाद यह जानकारी प्रोफाइल और संबंधित कंटेंट के साथ दिखाई दे सकती है।
Instagram ने सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अकाउंट की रीच को लेकर किया है। अगर कोई प्रोफाइल AI-जनरेटेड व्यक्ति पर आधारित है लेकिन इसकी जानकारी नहीं देता और Instagram के सिस्टम द्वारा उसकी पहचान कर ली जाती है तो उस अकाउंट की recommendation eligibility सीमित की जा सकती है। इसका असर Reels, Explore और दूसरे recommendation surfaces पर नए यूजर्स तक पहुंचने की क्षमता पर पड़ सकता है।
हालांकि सही तरीके से AI-Generated Profile लेबल लगाने वाले अकाउंट की रीच केवल इस लेबल के कारण कम नहीं की जाएगी। अगर Instagram का सिस्टम गलती से किसी वास्तविक प्रोफाइल को AI-जनरेटेड मान लेता है तो क्रिएटर Account Status के जरिए इसकी जानकारी देख सकता है और फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकता है। सफल अपील के बाद अकाउंट फिर से recommendations के लिए पात्र हो सकता है।
Instagram का यह कदम ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर AI इन्फ्लुएंसर्स और वास्तविक इंसानों जैसे दिखने वाले डिजिटल किरदार तेजी से बढ़ रहे हैं। नए लेबल के जरिए कंपनी यूजर्स को प्रोफाइल की वास्तविक प्रकृति समझने में मदद करना चाहती है ताकि वे यह जानते हुए कंटेंट देखें कि स्क्रीन पर दिखाई देने वाला व्यक्ति वास्तविक है या AI से तैयार किया गया है।