नई दिल्ली।आईपीओ बाजार में निवेशकों के लिए एक और नया मौका आने वाला है। तापमान मापने और थर्मल इंजीनियरिंग से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनी **Tempsens Instruments (India)** अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी का आईपीओ **20 अगस्त 2026** को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। सबसे ज्यादा चर्चा इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की हो रही है। आईपीओ में शेयर का अपर प्राइस ₹300 है, जबकि ग्रे मार्केट में यह करीब **₹128 के प्रीमियम** पर कारोबार कर रहा है। मौजूदा GMP के आधार पर इसकी संभावित लिस्टिंग करीब ₹428 पर हो सकती है। हालांकि GMP अनौपचारिक संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग इससे काफी अलग हो सकती है।
ग्रे मार्केट के मौजूदा संकेत के हिसाब से अपर प्राइस के मुकाबले करीब 42 प्रतिशत संभावित लिस्टिंग प्रीमियम बनता है। यही वजह है कि आईपीओ खुलने से पहले ही निवेशकों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है।
20 अगस्त को खुलेगा IPO
Tempsens Instruments का आईपीओ 20 अगस्त से निवेशकों के लिए खुलेगा। निवेशक तय अवधि के दौरान इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी।
मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक कंपनी के शेयरों का अलॉटमेंट **25 अगस्त 2026** को फाइनल होने की संभावना है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके पैसे वापस करने और सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट करने की प्रक्रिया इसके बाद पूरी की जाएगी। कंपनी के शेयरों की **28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्टिंग** प्रस्तावित है।
₹300 का शेयर, GMP ₹128
इस आईपीओ की सबसे दिलचस्प बात इसका ग्रे मार्केट प्रदर्शन है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के शेयर ₹128 के GMP पर ट्रेड कर रहे हैं। अगर ₹300 के अपर प्राइस में ₹128 का GMP जोड़ दिया जाए तो अनुमानित भाव ₹428 बनता है।
इस हिसाब से एक शेयर पर करीब ₹128 या लगभग **42.7 प्रतिशत** का संभावित प्रीमियम दिखाई देता है। लेकिन इसे पक्का मुनाफा नहीं समझना चाहिए।
GMP किसी स्टॉक एक्सचेंज द्वारा तय किया गया भाव नहीं होता। यह अनलिस्टेड और अनौपचारिक बाजार में निवेशकों के बीच चल रहे सेंटीमेंट को दिखाता है। आईपीओ की मांग, शेयर बाजार की स्थिति और लिस्टिंग के दिन निवेशकों के मूड के हिसाब से यह तेजी से बदल सकता है।
क्या करती है Tempsens Instruments?
Tempsens Instruments औद्योगिक तापमान मापने और थर्मल इंजीनियरिंग से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। इसका कारोबार अलग-अलग उद्योगों के लिए तापमान सेंसर, केबल और थर्मल से जुड़े उपकरण तथा समाधान उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
ऐसे उत्पादों की जरूरत मैन्युफैक्चरिंग, पावर, मेटल, सीमेंट और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में होती है। औद्योगिक प्रक्रियाओं में तापमान को सही तरीके से मॉनिटर करना सुरक्षा और उत्पादन क्षमता दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
यही कारण है कि कंपनी का कारोबार भारत में बढ़ते औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग निवेश से जुड़ी संभावनाओं के कारण निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
GMP देखकर निवेश करना कितना सही?
₹128 का GMP निश्चित रूप से मजबूत शुरुआती संकेत देता है, लेकिन आईपीओ में निवेश का फैसला केवल इसी आधार पर करना जोखिम भरा हो सकता है। ग्रे मार्केट पूरी तरह अनौपचारिक और अनियमित बाजार है। यहां दिखाई देने वाला प्रीमियम लिस्टिंग तक बढ़ भी सकता है और तेजी से गिर भी सकता है।
निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजे, रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफा, कर्ज, वैल्यूएशन, प्रतिस्पर्धा और आईपीओ से जुटाए जाने वाले पैसे के इस्तेमाल जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
कई बार मजबूत GMP वाले आईपीओ कमजोर लिस्टिंग देते हैं, जबकि कम GMP वाले इश्यू उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर जाते हैं। इसलिए इसे बाजार के सेंटीमेंट का संकेत माना जा सकता है, गारंटी नहीं।
निवेशकों की नजर अब सब्सक्रिप्शन पर
Tempsens Instruments के आईपीओ के खुलने के बाद सबसे महत्वपूर्ण संकेत इसका सब्सक्रिप्शन होगा। खासकर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स, गैर-संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों की तरफ से मिलने वाली मांग पर बाजार की नजर रहेगी।
अगर आईपीओ को मजबूत सब्सक्रिप्शन मिलता है और ग्रे मार्केट प्रीमियम भी ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो लिस्टिंग को लेकर सकारात्मक उम्मीदें और मजबूत हो सकती हैं। दूसरी ओर कमजोर सब्सक्रिप्शन या बाजार में बड़ी गिरावट से GMP पर दबाव आ सकता है।
फिलहाल ₹300 के अपर प्राइस के मुकाबले ₹128 का ग्रे मार्केट प्रीमियम इस आईपीओ को चर्चा में जरूर ले आया है। मौजूदा संकेत करीब ₹428 की अनुमानित लिस्टिंग की ओर इशारा करते हैं, लेकिन वास्तविक फायदा 28 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग के समय ही तय होगा।
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