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SpiceJet को राहत NCLT में 8 मामलों पर फैसला टला

Ratna Netam
17 Aug 2026 6:50 PM IST
SpiceJet को राहत NCLT में 8 मामलों पर फैसला टला
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नई दिल्ली। आर्थिक और कानूनी चुनौतियों से जूझ रही एयरलाइन **SpiceJet** को एक मामले में बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने एयरक्राफ्ट लीज पर देने वाली कंपनी **Aviator ML** के साथ करीब **60 करोड़ रुपये के भुगतान विवाद** को सुलझाने का समझौता कर लिया है। एयरलाइन ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT को बताया कि समझौता अंतिम रूप ले चुका है और पहली किस्त का भुगतान भी कर दिया गया है। हालांकि इसके बावजूद SpiceJet की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। NCLT ने एयरलाइन के खिलाफ चल रही आठ दिवालिया याचिकाओं पर अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है।इस घटनाक्रम को SpiceJet के लिए तत्काल राहत जरूर माना जा रहा है, लेकिन दूसरे एयरक्राफ्ट लेसर्स के दावों के कारण कंपनी पर कानूनी दबाव बना हुआ है। इन आठ मामलों में लेसर्स द्वारा किए गए दावों की कुल राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
क्या है ₹60 करोड़ का मामला?
SpiceJet और Aviator ML के बीच विमान लीज से संबंधित भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था। Aviator ML ने करीब 60 करोड़ रुपये के कथित डिफॉल्ट को लेकर एयरलाइन के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी।इस मामले में NCLT को 17 अगस्त को अपना आदेश सुनाना था। लेकिन फैसला आने से ठीक पहले SpiceJet ने ट्रिब्यूनल को बताया कि उसने Aviator ML के साथ विवाद का समझौता कर लिया है और समझौते के तहत पहली किस्त का भुगतान भी कर दिया गया है।इस समझौते के बाद Aviator ML से जुड़ी दिवालिया याचिका में SpiceJet को बड़ी राहत मिलने की संभावना बनी है।
फिर NCLT ने क्यों टाला फैसला?
यहां मामले में नया मोड़ तब आया जब अन्य एयरक्राफ्ट लेसर्स ने SpiceJet और Aviator ML के बीच हुए समझौते का विरोध किया। उनका तर्क था कि केवल एक लेसर के साथ विवाद सुलझा लेने के कारण बाकी दिवालिया याचिकाओं की सुनवाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।NCLT ने भी समझौते की जानकारी आखिरी समय पर दिए जाने को लेकर SpiceJet से सवाल किए। मामला लगभग दो वर्षों से लंबित होने और आदेश तैयार होने के चरण में समझौते की सूचना मिलने पर ट्रिब्यूनल ने नाराजगी जताई। इसके बाद आदेश स्थगित कर दिए गए।Aviator ML से जुड़े मामले को 19 अगस्त तक के लिए टाला गया है, जबकि अन्य संबंधित मामलों पर भी आगे सुनवाई होनी है। रिपोर्ट के अनुसार बाकी सात याचिकाओं पर 20 अगस्त को आदेश आ सकता है।
8 दिवालिया याचिकाओं का क्या होगा?
Aviator ML के साथ समझौता होने का मतलब यह नहीं है कि SpiceJet के खिलाफ चल रहे सभी दिवालिया मामले खत्म हो गए हैं। एयरलाइन के खिलाफ दूसरे विमान लेसर्स की याचिकाएं अभी भी NCLT के सामने लंबित हैं।यही SpiceJet के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अगर एयरलाइन बाकी लेनदारों के साथ भी समझौता करने में सफल होती है तो उस पर दिवालिया प्रक्रिया का खतरा कम हो सकता है। लेकिन अगर किसी मामले में NCLT दिवालिया याचिका स्वीकार करता है तो एयरलाइन की कानूनी और वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं।इसलिए 60 करोड़ रुपये का समझौता राहत जरूर है, लेकिन इसे SpiceJet के पूरे कानूनी संकट का अंत नहीं माना जा सकता।
पहले भी कई विवाद सुलझा चुकी है SpiceJet
SpiceJet पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग लेसर्स और लेनदारों के साथ अपने पुराने विवादों को समझौते के जरिए निपटाने की कोशिश कर रही है। कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उसने Aircastle, Genesis, Credit Suisse, Carlyle Aviation और दूसरे पक्षों से जुड़े कई पुराने वित्तीय विवादों को सुलझाया है।कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के साथ विमानों को दोबारा परिचालन में लाने और क्षमता बढ़ाने की कोशिश भी करती रही है। फरवरी 2026 में SpiceJet ने बताया था कि दिसंबर 2025 तक उसकी घरेलू बाजार हिस्सेदारी सितंबर के 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई थी।
अब 19 और 20 अगस्त पर नजर

SpiceJet के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। Aviator ML के साथ समझौते ने कंपनी को एक कानूनी मोर्चे पर राहत दी है, लेकिन बाकी लेसर्स की याचिकाएं अभी भी उसके सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।NCLT का अगला रुख यह तय करेगा कि कंपनी को बाकी मामलों में भी बातचीत और समझौते के लिए और समय मिलता है या दिवालिया प्रक्रिया का खतरा बढ़ता है। फिलहाल ₹60 करोड़ के विवाद का समाधान SpiceJet के लिए सकारात्मक घटनाक्रम है, लेकिन आठ याचिकाओं पर फैसला टलने से कानूनी अनिश्चितता बरकरार है।

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