नई दिल्ली: भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में पिछले कुछ दशकों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। आज ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के पास संचार, मौसम, नेविगेशन, जासूसी, आपदा प्रबंधन और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए कई सक्रिय सैटेलाइट मौजूद हैं।
भारत के पास अंतरिक्ष में मौजूद सक्रिय सैटेलाइट की संख्या अलग-अलग समय पर बदलती रहती है। वर्तमान में भारत के 130 से ज्यादा सक्रिय सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में काम कर रहे हैं, जिनमें ISRO के साथ-साथ अन्य भारतीय अंतरिक्ष संस्थानों और वाणिज्यिक मिशनों के उपग्रह भी शामिल हैं।
ISRO के सैटेलाइट बेड़े की प्रमुख श्रेणियां
1. अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट
भारत के पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation) उपग्रह जमीन, खेती, जंगल, जल संसाधन, मौसम और आपदा प्रबंधन में मदद करते हैं।
इनमें प्रमुख हैं—
Cartosat सीरीज – मैपिंग और निगरानी के लिए
Resourcesat सीरीज – प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी के लिए
RISAT सीरीज – रडार इमेजिंग और बादलों के बीच भी निगरानी के लिए
EOS सीरीज – आधुनिक पृथ्वी अवलोकन मिशन
2. संचार सैटेलाइट
भारत में टीवी प्रसारण, इंटरनेट, टेलीफोन और अन्य संचार सेवाओं के लिए INSAT और GSAT सीरीज के उपग्रह काम करते हैं।
प्रमुख सैटेलाइट—
GSAT-7
GSAT-11
GSAT-19
INSAT-3D
INSAT-3DS
ये उपग्रह देश की संचार और मौसम संबंधी जरूरतों में अहम भूमिका निभाते हैं।
3. नेविगेशन सैटेलाइट (NavIC)
भारत का अपना नेविगेशन सिस्टम NavIC (Navigation with Indian Constellation) है। यह GPS की तरह काम करता है और भारत तथा आसपास के क्षेत्रों में लोकेशन और नेविगेशन सेवाएं देता है।
4. वैज्ञानिक मिशन
ISRO ने अंतरिक्ष विज्ञान के लिए कई महत्वपूर्ण मिशन भेजे हैं—
Aditya-L1 – सूर्य का अध्ययन
Chandrayaan मिशन – चंद्रमा की खोज
AstroSat – खगोलीय अध्ययन
हाल में शामिल हुआ EOS-05
ISRO ने GSLV-F17 रॉकेट के जरिए EOS-05 सैटेलाइट लॉन्च किया, जो पृथ्वी की निगरानी और इमेजिंग क्षमता को मजबूत करने वाला मिशन है।
अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती ताकत
भारत अब सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के सैटेलाइट भी लॉन्च कर रहा है। ISRO ने अब तक कई विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया है और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
आज ISRO का सैटेलाइट नेटवर्क खेती से लेकर सुरक्षा, मौसम पूर्वानुमान, आपदा राहत और डिजिटल सेवाओं तक देश की कई महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा कर रहा है।
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