नई दिल्ली। जीन-एरिक पैकेट ने भारत में यूरोपीय संघ (EU) के राजदूत के रूप में आधिकारिक तौर पर अपना पदभार संभाल लिया है। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल यानी आधिकारिक परिचय पत्र सौंपे। इस औपचारिक प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही पैकेट ने भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं।
क्रेडेंशियल सौंपने के बाद पैकेट ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस अवसर को अपने लिए सम्मान की बात बताया। इसके साथ ही उन्होंने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा तथा अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच जारी सहयोग का उल्लेख किया।
पैकेट ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल सौंपना मेरे लिए सम्मान की बात है। व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और R&I (अनुसंधान और नवाचार) के क्षेत्रों में अच्छी गति बनी हुई है। ऐसे रोमांचक समय में EU का भारत में प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है। साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग करने और काम करने के लिए तैयार हूं।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। व्यापार और निवेश के साथ रक्षा, सुरक्षा, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्र दोनों पक्षों के संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राजदूत के तौर पर पदभार ग्रहण करने की औपचारिक प्रक्रिया में किसी देश या संगठन के नए राजदूत द्वारा राष्ट्राध्यक्ष को अपने परिचय पत्र सौंपना शामिल होता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को क्रेडेंशियल सौंपने के बाद पैकेट अब आधिकारिक रूप से भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
भारत और यूरोपीय संघ के संबंध कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं। दोनों पक्ष व्यापार और आर्थिक साझेदारी के अलावा वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी संवाद करते रहे हैं। ऐसे में नए राजदूत के रूप में पैकेट की भूमिका इन संबंधों को आगे बढ़ाने और विभिन्न स्तरों पर बातचीत को मजबूत करने की होगी।
पैकेट ने अपने संदेश में विशेष रूप से व्यापार का उल्लेख किया है। भारत और यूरोपीय संघ दोनों एक-दूसरे के साथ आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने पर काम कर रहे हैं। वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार से लेकर निवेश तथा कारोबारी सहयोग तक कई विषय दोनों पक्षों के एजेंडे में शामिल हैं।
इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को भी उन्होंने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और अन्य सुरक्षा चुनौतियों को लेकर भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच संवाद का महत्व बढ़ा है। पैकेट ने संकेत दिया कि इन क्षेत्रों में बनी गति को आगे जारी रखने पर जोर रहेगा।
अनुसंधान और नवाचार यानी R&I भी भारत-EU संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के लिए दोनों पक्षों के पास व्यापक संभावनाएं हैं। पैकेट ने अपने संदेश में इस क्षेत्र का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि नई जिम्मेदारी के दौरान अनुसंधान और नवाचार से जुड़ी साझेदारी भी उनके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में रहेगी।
भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक मंचों पर भी कई विषयों पर एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं। जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, कनेक्टिविटी और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे दोनों पक्षों की बातचीत का हिस्सा रहे हैं। नए राजदूत के कार्यकाल के दौरान इन क्षेत्रों में जारी बातचीत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी।
पैकेट ने ऐसे समय भारत में पदभार संभाला है जब दोनों पक्ष अपने संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार देने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले संदेश में ही साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। इससे साफ है कि उनका ध्यान मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ नए क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर भी रहेगा।
राष्ट्रपति भवन में क्रेडेंशियल सौंपने की औपचारिकता भारत में उनके राजनयिक कार्यकाल की आधिकारिक शुरुआत है। अब वह भारत सरकार, विभिन्न मंत्रालयों, संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ यूरोपीय संघ की ओर से संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करते हुए पैकेट की जिम्मेदारियों में भारत-EU राजनीतिक संवाद को मजबूत करने के साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाना शामिल रहेगा। उन्होंने पदभार संभालते ही इन क्षेत्रों में मौजूद सकारात्मक गति का उल्लेख कर अपनी प्राथमिकताओं के संकेत दिए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आधिकारिक परिचय पत्र सौंपने के बाद जीन-एरिक पैकेट का भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में कार्यकाल औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। उन्होंने भारत और EU के बीच साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वह दोनों पक्षों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।