जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सरकार ने संकट में फंसे एमएसएमई (MSMEs) के लिए और कर्ज को लेकर क्रेडिट गारंटी योजना (CGSSD) को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है. सरकार ने लेंडिंग संस्थानों के जरिए संकट में घिरे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSMEs) के प्रवर्तकों को क्रेडिट सुविधा देने के लिए इस योजना को एक जून 2020 को मंजूरी दी थी. इसकी शुरुआत 24 जून को हुई थी.

एमएसएमई मंत्रालय ने कहा, योजना के हितधारकों से मिले अनुरोधों के आधार पर सरकार ने इसे 30 सितंबर 2021 से आगे छह महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. यह योजना अब 31 मार्च 2022 तक चालू रहेगी. सरकार ने पहले इस योजना को 31.03.2021 से छह महीने के लिए बढ़ाकर 30.09.2021 तक लागू करने का निर्णय लिया था.
कनॉट प्लेस स्थित खादी इंडिया की बिक्री 1 करोड़ रुपये के पार
मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा कि गांधी जयंती पर कनॉट प्लेस स्थित दिल्ली के प्रमुख खादी इंडिया (Khadi India) बिक्री केंद्र पर खादी उत्पाद की बिक्री 1 करोड़ रुपये को पार कर गई. बयान के मुताबिक यहां दो अक्टूबर को खादी उत्पादों की कुल बिक्री 1.02 करोड़ रुपये दर्ज की गई.
मंत्रालय ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान पर्यावरण अनुकूल और हर्बल उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ गई है.
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने बिक्री में बढोतरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खादी खरीदने की लगातार अपील और जनता के बीच खादी की बढ़ती स्वीकार्यता को श्रेय दिया.
ECLGS स्कीम की भी डेडलाइन बढ़ी
बता दें कि इससे पहले सरकार ने MSME को सपोर्ट करने के लिए शुरू की गई स्कीम ECLGS की डेडलाइन को बढ़ाई थी. इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की डेडलाइन को 31 मार्च 2022 तक या जब तक इसके लिए घोषित 4.5 लाख करोड़ का फंड खर्च नहीं हो जाता, बढ़ाने का फैसला किया गया है.
इस स्कीम के तहत अमाउंट डिस्बर्समेंट की तारीख को भी बढ़ाकर 30 जून 2022 तक कर दिया गया है. MSME के लिए शुरू की गई इस स्कीम में कुछ अहम बदलाव भी किए गए हैं. अगर किसी MSME ने ECLGS 1.0 या 2.0 के तहत लोन उठाया है तो वह एडिशनल क्रेडिट सपोर्ट का लाभ उठा सकता है. यह 31 मार्च 2021 के टोटल क्रेडिट आउटस्टैंडिंग का अधिकतम 10 फीसदी हो सकता है.
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