कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मिली मोहलत, 31 दिसंबर नई समयसीमा
कच्ची चीनी के आयात पर राहत
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने कच्ची चीनी (raw sugar) के शुल्क-मुक्त आयात की समय-सीमा को दो महीने बढ़ा दिया है। इससे पात्र आयातक 31 दिसंबर, 2026 तक भारत में कच्ची चीनी का आयात कर सकेंगे।
यह निर्णय 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के मौजूदा टैरिफ रेट कोटा (TRQ) पर लागू होता है। पहले इसकी समय-सीमा 31 अक्टूबर, 2026 थी, लेकिन संशोधित नीति के तहत आयातकों को स्वीकृत कोटे के अंतर्गत अपना आयात पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
सरकार ने शुल्क-मुक्त आयात की मात्रा में कोई बढ़ोतरी नहीं की है और न ही इस व्यवस्था से जुड़ी शर्तों में कोई बदलाव किया है।
संशोधित आयात नीति के तहत, 'इंडियन ट्रेड क्लासिफिकेशन (हार्मोनाइज्ड सिस्टम), 2022' के अध्याय 17 और एक्सिम कोड 170114 के अंतर्गत आने वाली कच्ची चीनी, नई समय-सीमा तक शुल्क-मुक्त आयात के लिए पात्र बनी रहेगी।
आयात को मौजूदा कोटा ढांचे के तहत तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा।
इस नवीनतम अधिसूचना से केवल आयात की समय-सीमा (वैधता अवधि) में बदलाव हुआ है, जिससे व्यवसायों को अपने पात्र लेनदेन पूरे करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
इस योजना के तहत काम करने वाले आयातक बिना सीमा शुल्क (customs duty) दिए कच्ची चीनी का आयात जारी रख सकते हैं, बशर्ते उनका आयात स्वीकृत कोटे के भीतर हो और सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करता हो।
इस विस्तार से कच्ची चीनी के कोटे में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं हुई है और न ही आयात का कोई नया अधिकार दिया गया है।
10 लाख टन का मौजूदा टैरिफ रेट कोटा (TRQ) यथावत रहेगा।
टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत, किसी देश में एक निश्चित मात्रा तक माल को रियायती सीमा शुल्क दर पर मंगाया जा सकता है।
भारत में कच्ची चीनी के आयात की व्यवस्था के तहत, स्वीकृत कोटे के भीतर सीमा शुल्क की दर शून्य है।
सरकार ने 20 अगस्त को जारी एक अधिसूचना के जरिए पहले 31 अक्टूबर की समय-सीमा तय की थी।
इस नवीनतम संशोधन के तहत, पुरानी अधिसूचना के अन्य सभी प्रावधानों को बरकरार रखते हुए, समय-सीमा को दिसंबर के अंत तक बढ़ा दिया गया है।
इसका मतलब यह है कि आयातकों को सरकार द्वारा पहले से तय की गई पात्रता शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना जारी रखना होगा।
यह नई समय-सीमा व्यवसायों को कुल कोटे में बढ़ोतरी किए बिना, अपने लंबित आयात कार्यों को पूरा करने में मदद कर सकती है।
DGFT के इस फैसले से कच्ची चीनी के आयात की योजना बनाने में अधिक लचीलापन मिलेगा, जबकि शुल्क-मुक्त आयात की मौजूदा सीमाएं पहले की तरह ही लागू रहेंगी।