नई दिल्ली: टेस्ला की नई रोडस्टर को लेकर भारतीय ग्राहकों के लिए बुकिंग से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इसके परफॉर्मेंस वर्जन को रिजर्व करने के लिए कुल ₹50.06 लाख, जबकि थ्रस्ट कॉन्फिगरेशन के लिए करीब ₹2.50 करोड़ जमा करने होंगे। हालांकि, इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद भारत में इसकी डिलीवरी कब शुरू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
कंपनी ने रोडस्टर का उत्पादन 2028 में शुरू करने की बात कही है, लेकिन फिलहाल केवल लेफ्ट-हैंड-ड्राइव मॉडल के प्रोडक्शन का जिक्र किया गया है। ऐसे में भारतीय ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि दोनों वर्जन की बुकिंग के लिए कितनी रकम देनी होगी और इनमें क्या अंतर है।
टेस्ला रोडस्टर की बुकिंग के लिए कितनी रकम चाहिए?
टेस्ला रोडस्टर के दो कॉन्फिगरेशन- परफॉर्मेंस और थ्रस्ट के लिए रिजर्वेशन की जानकारी दी गई है। दोनों वर्जन को बुक करने के लिए शुरुआत में एक समान रकम जमा करनी होगी, लेकिन इसके बाद दस दिनों के भीतर भुगतान की जाने वाली राशि में बड़ा अंतर है।
दोनों कॉन्फिगरेशन का रिजर्वेशन अमाउंट
रोडस्टर परफॉर्मेंस के लिए शुरुआती पेमेंट 5.01 लाख रुपये है, जबकि 10 दिनों के भीतर 45.05 लाख रुपये और देने होंगे। इसका कुल रिजर्वेशन अमाउंट 50.06 लाख रुपये है। वहीं, रोडस्टर थ्रस्ट के लिए शुरुआती पेमेंट 5.01 लाख रुपये है और 10 दिनों के भीतर 2 करोड़ 45 लाख 24 हजार रुपये देने होंगे। इसका कुल रिजर्वेशन अमाउंट करीब 2.50 करोड़ रुपये है।
परफॉर्मेंस वर्जन के लिए पहले ₹5.01 लाख जमा करने होंगे। इसके बाद दस दिनों के अंदर लगभग ₹45.05 लाख का भुगतान करना होगा। इस तरह कुल रिजर्वेशन राशि ₹50.06 लाख हो जाती है। वहीं, थ्रस्ट कॉन्फिगरेशन के लिए भी शुरुआत में ₹5.01 लाख देने होंगे। हालांकि, इसके बाद दस दिनों के भीतर ₹2,45,24,000 जमा करने होंगे। इससे कुल रिजर्वेशन राशि लगभग ₹2.50 करोड़ पहुंच जाती है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये रकम केवल रिजर्वेशन के लिए हैं। इन्हें भारत में कार की अंतिम कीमत नहीं माना जा सकता। भारतीय बाजार में इसकी वास्तविक कीमत और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
शुरुआती ₹5.01 लाख मिल सकते हैं वापस
टेस्ला के रिजर्वेशन नियमों के मुताबिक, शुरुआत में जमा किए जाने वाले ₹5.01 लाख पूरी तरह रिफंडेबल हैं। यानी यह शुरुआती रकम वापस की जा सकती है। हालांकि, बुकिंग प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए ग्राहकों को निर्धारित समयसीमा के अंदर बाकी भुगतान भी करना होगा। अगर ग्राहक तय समय में पूरी रकम जमा नहीं करता है, तो उसका रिजर्वेशन रद्द हो सकता है। थ्रस्ट वर्जन की उपलब्धता भी सीमित रखी गई है। इस कॉन्फिगरेशन के लिए एक ग्राहक केवल एक ऑर्डर कर सकता है। इसके अलावा, इसमें मिलने वाले थ्रस्टर फीचर का इस्तेमाल संबंधित देश के कानूनों और नियमों पर निर्भर करेगा। जिन बाजारों में इसकी अनुमति नहीं होगी, वहां यह सुविधा उपलब्ध नहीं भी हो सकती है।
परफॉर्मेंस और थ्रस्ट वर्जन में क्या अंतर है?
टेस्ला रोडस्टर के दोनों कॉन्फिगरेशन में सबसे बड़ा अंतर उनके फीचर्स और थ्रस्टर सिस्टम का है।
रोडस्टर परफॉर्मेंस: यह दो सीटों वाला वर्जन है। इसमें एक्टिव एयरोडायनामिक्स और मल्टी-मोड सक्शन सिस्टम दिया गया है। इस तकनीक का उद्देश्य कार पर अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा करना है, जिससे तेज रफ्तार के दौरान सड़क पर उसकी पकड़ बेहतर हो सके।
रोडस्टर थ्रस्ट: इस वर्जन में एक्सेलेरेशन थ्रस्टर्स दिए गए हैं। इसे रेस-रेडी कॉन्फिगरेशन के तौर पर पेश किया गया है। इसकी उपलब्धता सीमित है और थ्रस्टर फीचर का इस्तेमाल स्थानीय नियमों की अनुमति पर निर्भर करेगा। इसलिए हर देश में यह सुविधा मिलना जरूरी नहीं है।
रॉकेट कॉन्फिगरेशन: इन दोनों वर्जन के अलावा टेस्ला रोडस्टर के लिए रॉकेट कॉन्फिगरेशन का भी जिक्र है। यह एक सीट वाला मॉडल है, जिसमें फुल फ्लाइट सिस्टम दिया गया है। इसे केवल आमंत्रण के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। भारत के बुकिंग पेज पर इस वर्जन के लिए रिजर्वेशन की कोई रकम नहीं दिखाई गई है।
2028 में शुरू होगा प्रोडक्शन, लेकिन भारत में डिलीवरी कब?
रोडस्टर की बुकिंग से जुड़ी जानकारी के साथ इसकी डिलीवरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। टेस्ला के अनुसार, कार का उत्पादन 2028 में शुरू होना है। हालांकि, कंपनी ने फिलहाल केवल लेफ्ट-हैंड-ड्राइव वाहनों के प्रोडक्शन की जानकारी दी है। भारत में सड़क पर चलने वाली कारों के लिए राइट-हैंड-ड्राइव कॉन्फिगरेशन जरूरी है। कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि रोडस्टर का राइट-हैंड-ड्राइव वर्जन कब तैयार होगा और इसका उत्पादन कब शुरू किया जाएगा।
इसके चलते भारत में इसकी डिलीवरी की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। कार की भारतीय कीमत, स्थानीय बाजार से जुड़ी जानकारियां और डिलीवरी की व्यवस्था भी अभी स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में रिजर्वेशन कराने वाले ग्राहकों को कार मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
SR-71 और F-35 एयरक्राफ्ट से प्रेरित है डिजाइन
टेस्ला रोडस्टर का डिजाइन SR-71 और F-35 एयरक्राफ्ट से प्रेरित बताया गया है। इसमें स्पेसएक्स के कंपोनेंट्स भी इस्तेमाल किए जाएंगे। थ्रस्ट कॉन्फिगरेशन में एक्सेलेरेशन थ्रस्टर्स, जबकि रॉकेट कॉन्फिगरेशन में फुल फ्लाइट सिस्टम का जिक्र है। हालांकि, भारत में इन सुविधाओं की उपलब्धता संबंधित नियमों और मंजूरी पर निर्भर करेगी।
टेस्ला मॉडल वाई एल पर भी कंपनी का एलान
रोडस्टर के रिजर्वेशन के साथ ही टेस्ला इंडिया ने छह सीटों वाले मॉडल वाई एल को लेकर भी घोषणा की है। कंपनी इस मॉडल पर मुफ्त एक्सेलेरेशन बूस्ट दे रही है। इस बूस्ट के बाद मॉडल वाई एल के 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटेकी रफ्तार पकड़ने का समय 4.5 सेकंड बताया गया है। वहीं, इसकी WLTP रेंज 681 किलोमीटर तक बनी रहती है।
कुल मिलाकर, टेस्ला रोडस्टर के लिए भारत में रिजर्वेशन की रकम काफी ज्यादा है, खासकर थ्रस्ट वर्जन के लिए। लेकिन भारतीय ग्राहकों के लिए सबसे अहम सवाल इसकी अंतिम कीमत और डिलीवरी की तारीख है। जब तक कंपनी राइट-हैंड-ड्राइव मॉडल और भारत में बिक्री की समयसीमा स्पष्ट नहीं करती, तब तक बुकिंग के बाद कार मिलने का इंतजार बना रह सकता है।
Tags: