Venezuela वेनेजुएला: अमेरिकी हवाई हमलों के बाद कीमती धातुओं के दाम में संभावित तेजी को लेकर कमोडिटी मार्केट में चर्चा तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी के दाम सोमवार से तेजी के साथ बढ़ सकते हैं, जबकि कच्चे तेल पर प्रभाव सीमित रह सकता है। वास्तव में, वेनेजुएला का कच्चा तेल वैश्विक सप्लाई में छोटा हिस्सा रखता है, इसलिए इसके दाम पर बड़े असर की उम्मीद नहीं है। लेकिन अमेरिकी हमले से उत्पन्न जियो-पॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों के मन में सुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है, जिससे सुरक्षित संपत्ति मानी जाने वाली कीमती धातुओं के भाव बढ़ने की संभावना है।
Ya वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता ने बताया कि “जियो-पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के चलते कमोडिटी मार्केट में तेजी दिख सकती है। सोना, चांदी, तांबा और गैसोलीन के दाम बढ़ने की संभावना है। कॉमेक्स गोल्ड $4,345.50 प्रति औंस से $4,380 तक जा सकता है, जबकि चांदी $75-78 प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर सकती है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $62-65 प्रति बैरल तक महंगा हो सकता है। कैपिटल के सह-संस्थापक संदीप पांडे ने कहा कि अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष के चलते चांदी के निर्यातकों के शिपिंग मार्गों में अनिश्चितता पैदा हो गई है, जिससे आपूर्ति में कमी हो सकती है और दाम और तेजी से बढ़ सकते हैं।
एमसीएक्स पर भी कीमतों में उछाल की संभावना जताई जा रही है। अनुज गुप्ता के अनुसार, सोने की कीमतें 10 ग्राम के लिए ₹1,40,000 तक पहुंच सकती हैं, जबकि चांदी की कीमत 1 किलोग्राम के लिए ₹2,45,000 तक बढ़ सकती है। कच्चे तेल की कीमतें ₹5,200-5,300 प्रति बैरल के आसपास रहने की संभावना है। वर्तमान में MCX पर 1 किलो चांदी की कीमत ₹2,36,599 प्रति किलो है, जबकि इसका रिकॉर्ड हाई ₹2,54,000 प्रति किलो रहा है। वहीं 10 ग्राम सोने की कीमत 5 फरवरी वायदा के लिए ₹1,35,752 है, और इसका रिकॉर्ड हाई ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और सुरक्षित संपत्ति में निवेश की प्रवृत्ति के चलते सोना और चांदी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकते हैं। आगामी सप्ताह में बाजार की हलचल और निवेशकों की प्रतिक्रियाएं इनकी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। यह स्थिति बताती है कि जियो-पॉलिटिकल घटनाएं सिर्फ कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि कीमती धातुओं जैसे सोना और चांदी के बाजार को भी प्रभावित कर सकती हैं। निवेशक और व्यापारी इसे देखते हुए अपने पोर्टफोलियो में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं