नई दिल्ली : ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ उपभोक्ता शिकायतों का मुद्दा भी सामने आया है। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर दर्ज शिकायतों में फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद अमेजन और मीशो जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां भी शिकायतों के मामले में चर्चा में हैं।

फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर ई-कॉमर्स से संबंधित शिकायतों में फ्लिपकार्ट के खिलाफ शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। उपभोक्ताओं की ओर से ऑर्डर, डिलीवरी, रिफंड और उत्पाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। हालांकि शिकायतों की संख्या को कंपनी की कुल बिक्री या ग्राहकों की संख्या के संदर्भ में देखना जरूरी है। ज्यादा शिकायतें होना अपने आप में सेवा की गुणवत्ता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
अमेजन और मीशो भी सूची में
अमेजन और मीशो के खिलाफ भी उपभोक्ताओं ने अलग-अलग तरह की शिकायतें दर्ज कराई हैं। ऑनलाइन खरीदारी में उत्पाद की गुणवत्ता, गलत या अलग सामान पहुंचना, रिफंड में देरी और ऑर्डर कैंसिलेशन जैसी समस्याएं अक्सर उपभोक्ता विवाद का कारण बनती हैं। बड़ी संख्या में ऑनलाइन ऑर्डर होने के कारण ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए शिकायतों का समय पर समाधान करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।
NCH पर कैसे दर्ज होती है शिकायत?
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन उपभोक्ताओं को कंपनियों और सेवा प्रदाताओं के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराने का मंच उपलब्ध कराती है। उपभोक्ता खरीदारी से जुड़े दस्तावेज, ऑर्डर की जानकारी और भुगतान का प्रमाण देकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित कंपनी के साथ मामले को उठाया जा सकता है और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
ऑनलाइन खरीदारी में उपभोक्ताओं को सावधान रहने की जरूरत
ऑनलाइन खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को ऑर्डर से संबंधित बिल, भुगतान की रसीद, चैट और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। महंगे उत्पाद खरीदते समय रिटर्न और रिफंड की शर्तों को पहले से पढ़ना भी जरूरी है। अगर कंपनी से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो उपभोक्ता उपलब्ध कानूनी और शिकायत निवारण तंत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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