भारत में FY26 में छोटे-टिकट वाले सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) अकाउंट्स की संख्या में कमी आई है। यह पहली बार निवेश करने वाले और कम आय वाले म्यूचुअल फंड निवेशकों पर मार्केट में उतार-चढ़ाव के असर को दिखाता है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 के दौरान ₹1,000 तक के मासिक योगदान वाले SIP अकाउंट्स की संख्या में 1.4 मिलियन की कमी आई, जबकि ज़्यादा निवेश राशि वाले अकाउंट्स की संख्या बढ़ती रही।
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) के डेटा के अनुसार, यह गिरावट इस सेगमेंट में हुई ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बाद आई है, जिसमें पिछले दो फाइनेंशियल इयर्स में क्रमशः 37% और 16% का विस्तार हुआ था।
मार्केट में उतार-चढ़ाव का छोटे SIP निवेशकों पर असर
जैसे-जैसे मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ा, कुछ निवेशकों को निवेश बनाए रखने में मुश्किल हुई होगी, खासकर उन लोगों को जिनकी फाइनेंशियल समझ और अनुभव सीमित है। निफ्टी 50 अभी भी अपने सितंबर 2024 के उच्चतम स्तर से नीचे है, हालांकि स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स हाल ही में नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। जानकारों का कहना है कि कम मासिक योगदान करने वाले निवेशकों में 'चर्न' (निवेश छोड़ने या अकाउंट बंद करने) की दर ज़्यादा होती है; मार्केट में तेज़ी के दौरान अकाउंट खुलने की संख्या बढ़ती है और मार्केट में गिरावट (करेक्शन) के दौरान अकाउंट बंद होने की संख्या बढ़ जाती है।
Tags: