नई दिल्ली: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को टैक्स मामले में बड़ी राहत मिली है। आयकर विभाग से जुड़े एक मामले में कंपनी के खिलाफ लगाया गया करीब 11,003 करोड़ रुपये का टैक्स डिसअलाउंस रद्द कर दिया गया है। इस मामले में अधिकारियों की दो अपील भी खारिज कर दी गई हैं।

यह फैसला कंपनी के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। टैक्स विवाद से जुड़े इस मामले में कंपनी ने अपने पक्ष में तर्क दिए थे, जिन्हें स्वीकार करते हुए राहत दी गई।
क्या था पूरा मामला
मामला रिलायंस जियो के टैक्स असेसमेंट से जुड़ा था। आयकर विभाग ने कंपनी के कुछ दावों और खर्चों को लेकर आपत्ति जताई थी और बड़ी रकम को डिसअलाउंस यानी कर लाभ के लिए अमान्य माना था। इसके बाद कंपनी ने इस फैसले को चुनौती दी और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखा।
अधिकारियों की अपील हुई खारिज
मामले में आयकर विभाग के अधिकारियों की ओर से भी आगे अपील की गई थी। हालांकि संबंधित प्राधिकरण ने दोनों अपीलों को स्वीकार नहीं किया और पहले के फैसले को बरकरार रखा। इससे रिलायंस जियो को बड़ी राहत मिली और कंपनी पर लगाए गए भारी टैक्स बोझ से राहत मिल गई।
कंपनी के लिए क्यों अहम है फैसला
रिलायंस जियो देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है। इतनी बड़ी रकम से जुड़े टैक्स विवाद में राहत मिलने से कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेशकों के भरोसे पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े कॉरपोरेट टैक्स मामलों में ऐसे फैसले कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इससे भविष्य की वित्तीय योजना बनाने में मदद मिलती है।
टैक्स विवादों में कानूनी प्रक्रिया जारी
भारत में बड़ी कंपनियों और आयकर विभाग के बीच टैक्स से जुड़े कई मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इनमें कंपनियां अपने खर्चों, कटौती और टैक्स लाभ को लेकर कानूनी रास्ता अपनाती हैं। रिलायंस जियो के इस मामले में फैसला कंपनी के पक्ष में आया है, जिससे उसे बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
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