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ट्रंप की डीजल डील से भड़के जेलेंस्की हमलों की जताई आशंका

Ratna Netam
10 Oct 2026 7:52 PM IST
ट्रंप की डीजल डील से भड़के जेलेंस्की हमलों की जताई आशंका
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कीव। रूस और अमेरिका के बीच डीजल ईंधन की आपूर्ति से जुड़े समझौते को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को निराशा जताई है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया घोषणा की आलोचना करते हुए कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति देने से यूक्रेन पर हमले जारी रहने की आशंका बढ़ सकती है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि मॉस्को लंबे समय तक युद्ध जारी रखने, आम नागरिकों में भय पैदा करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपना रहा है।यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से रूस की सैन्य गतिविधियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रूस के साथ पेट्रोलियम उत्पादों का व्यापार ऐसे समय में चिंता पैदा करता है, जब यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।जेलेंस्की की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आई है, जिसमें रूस द्वारा अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल ईंधन की आपूर्ति किए जाने की बात कही गई थी।
ट्रंप की घोषणा पर जेलेंस्की ने जताई नाराजगी
राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और रूस के बीच डीजल आपूर्ति से जुड़े फैसले पर सवाल उठाए हैं।उन्होंने कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देने का असर यूक्रेन की राजधानी कीव में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है।जेलेंस्की के अनुसार, रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है। ऐसे समय में रूस के साथ ऊर्जा व्यापार को लेकर किया गया फैसला चिंताजनक है।उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह के फैसलों से रूस के हमले जारी रहने की संभावना बनी रह सकती है।हालांकि, रूस से डीजल खरीदने और यूक्रेन पर होने वाले हमलों के बीच सीधे संबंध का स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। यह संबंध जेलेंस्की की राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंता के रूप में सामने आया है।
रूस से तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूस से डीजल ईंधन की आपूर्ति को लेकर घोषणा की थी।ट्रंप के अनुसार, रूस तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल अमेरिका और वैश्विक बाजारों में उपलब्ध कराएगा।उन्होंने आगे अतिरिक्त आपूर्ति की योजना का भी उल्लेख किया। इसके तहत नवंबर में पांच लाख टन और उसके बाद दस लाख टन डीजल की आपूर्ति की बात कही गई।अमेरिकी प्रशासन का यह कदम ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के प्रयासों से जुड़ा है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस समझौते से कीमतों में बड़ी गिरावट आने की संभावना पर संदेह जताया है।
कीव में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों का जिक्र
जेलेंस्की ने अपनी एक्स पोस्ट में राजधानी कीव की ऊर्जा सुविधाओं पर हुए रूसी हमलों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि जेट से संचालित शहेद ड्रोन के जरिए ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद बैलिस्टिक मिसाइलों से भी हमले किए गए।यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, कुछ मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक मार गिराया।उन्होंने इन हमलों को रूस की उस रणनीति से जोड़ा, जिसके तहत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाकर यूक्रेन पर दबाव बनाया जा रहा है।यूक्रेन के अधिकारियों ने हाल के दिनों में कीव सहित कई क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की जानकारी दी है।
लंबे समय तक युद्ध जारी रखने का आरोप
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि रूस युद्ध को लंबा खींचने की रणनीति अपना रहा है।उनके अनुसार, मॉस्को सैन्य कार्रवाई के साथ आम नागरिकों में भय पैदा करने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने पर निर्भर है।जेलेंस्की ने आशंका जताई कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से मिलने वाला आर्थिक लाभ युद्ध जारी रखने की उसकी क्षमता को मजबूत कर सकता है।उन्होंने कहा कि रूस पर दबाव कम करने वाले फैसलों से मॉस्को को यह संकेत मिल सकता है कि हमले जारी रखे जा सकते हैं।हालांकि, यह जेलेंस्की का आकलन है। डीजल समझौते के कारण किसी विशेष हमले का आदेश दिया गया, इसका प्रमाण सामने नहीं आया है।
रूसी हमलों में नागरिकों की मौत
अमेरिका और रूस के बीच डीजल समझौते की घोषणा के बाद भी यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में हमले जारी रहे।शनिवार को जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हवाई हमलों से आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचा।यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में बच्चों सहित कई नागरिकों की मौत हुई और अन्य घायल हुए।जेलेंस्की ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस पर आर्थिक दबाव कम करना शांति स्थापित करने के प्रयासों के विपरीत हो सकता है।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से रूस की सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों पर असर
डीजल समझौते को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और यूक्रेनी प्रतिनिधियों के बीच युद्ध समाप्त करने के संभावित उपायों पर बातचीत चल रही थी, इसी दौरान ट्रंप ने रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा की।जेलेंस्की ने इस फैसले को लेकर निराशा व्यक्त की और कहा कि इससे रूस को आर्थिक लाभ पहुंच सकता है।वहीं, अमेरिकी पक्ष का जोर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन कीमतों से जुड़े मुद्दों पर है।इस घटनाक्रम ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों और यूक्रेन में शांति स्थापित करने के प्रयासों के बीच मौजूद तनाव को उजागर किया है।
रूस पर प्रतिबंधों को लेकर उठे सवाल
रूस के खिलाफ लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का एक उद्देश्य उसकी ऊर्जा से होने वाली आय को सीमित करना रहा है।यूक्रेन और उसके समर्थकों का तर्क है कि तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों से होने वाली आय रूस की युद्ध संबंधी गतिविधियों को आर्थिक सहायता दे सकती है।इसी कारण डीजल आपूर्ति से संबंधित प्रतिबंधों में ढील को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।हालांकि, ऊर्जा बाजार की स्थिति, आपूर्ति की उपलब्धता और कीमतों को लेकर अमेरिका की अपनी आर्थिक प्राथमिकताएं हैं।इस समझौते का रूस की आय, वैश्विक डीजल कीमतों और युद्ध की स्थिति पर वास्तविक प्रभाव कितना होगा, यह आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
युद्ध के बीच शांति प्रयासों की चुनौती
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से व्यापक युद्ध जारी है।इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के साथ ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य बुनियादी ढांचों पर हमले भी हुए हैं।जेलेंस्की का कहना है कि शांति प्रयासों के लिए रूस पर प्रभावी दबाव बनाए रखना जरूरी है।उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने से मॉस्को को गलत संकेत मिल सकता है।दूसरी ओर, अमेरिका रूस के साथ ऊर्जा आपूर्ति संबंधी समझौते को वैश्विक बाजार की जरूरतों से जोड़ रहा है।फिलहाल डीजल समझौते के बाद यूक्रेन की आपत्तियां और रूस के लगातार हमले अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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