
वर्ल्ड | नेपाल सरकार विवाह की न्यूनतम उम्र को 20 से घटाकर 18 साल करने की योजना बना रही है। इसके लिए विवाह अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव समाज में व्यावहारिक सुधार लाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन इस फैसले पर कई वर्गों में मतभेद भी हैं।
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
नेपाल में फिलहाल शादी की कानूनी उम्र पुरुष और महिलाओं के लिए 20 साल है। हालांकि, कई पड़ोसी देशों में विवाह की न्यूनतम उम्र 18 साल ही है। सरकार का तर्क है कि 18 साल की उम्र में व्यक्ति को कानूनी रूप से वयस्क माना जाता है और उसे शादी करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।
नेपाल में किशोर विवाह के मामलों को देखते हुए सरकार मानती है कि इस बदलाव से अवैध और जबरन विवाह को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कानून में सुधार करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
समाज में मतभेद
इस प्रस्ताव का कुछ वर्गों ने समर्थन किया है तो कुछ ने इसका विरोध भी किया है।
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समर्थन करने वालों की दलीलें:
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18 साल की उम्र में व्यक्ति को अन्य कानूनी अधिकार मिल जाते हैं, तो विवाह करने की स्वतंत्रता भी होनी चाहिए।
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यह कदम जबरन और अवैध शादियों को रोकने में मदद करेगा।
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अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कई देशों में यह उम्र पहले से ही 18 साल है।
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कम उम्र में शादी से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
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कम उम्र में विवाह से शिक्षा और करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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यह सामाजिक परिपक्वता के हिसाब से सही निर्णय नहीं है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की राह
सरकार ने प्रस्ताव को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। विवाह अधिनियम में संशोधन के लिए इसे संसद में पेश किया जाएगा। संसद में बहस और कानूनी समिति की समीक्षा के बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि वह सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए कोई भी अंतिम फैसला लेगी। आने वाले हफ्तों में इस प्रस्ताव पर संसद में चर्चा होने की संभावना है। अगर यह संशोधन पारित होता है, तो नेपाल में शादी की उम्र 20 से घटकर 18 साल हो जाएगी।





