
वर्ल्ड | तुर्की में इस्तांबुल के मेयर एकरेम इमामोग्लू को जेल भेजने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई पत्रकारों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे मामला और गरमाता जा रहा है।
प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
इमामोग्लू, जो राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं, पर "राजनीतिक आरोपों" के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। विपक्षी दलों और उनके समर्थकों का कहना है कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
पत्रकारों पर कार्रवाई
सरकार ने सिर्फ विपक्षी नेताओं को ही नहीं, बल्कि इस मुद्दे को कवर करने वाले कई पत्रकारों को भी निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई पत्रकारों को उनके घरों से जबरन उठाया गया और हिरासत में लिया गया।
तुर्की में बढ़ता असंतोष
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है जब तुर्की में चुनावी माहौल गर्म है। विपक्षी दल और नागरिक समाज इसे एर्दोआन सरकार की तानाशाही मानसिकता करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की संभावना है।





