
वर्ल्ड | लेबनान के शिया संगठन हिज़बुल्ला ने इस्राइल को कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने कहा है कि अगर इस्राइल की ओर से हमले जारी रहे तो वे अपने अगले कदमों पर विचार करने के लिए मजबूर होंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गाजा और लेबनान की सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है और दोनों ओर से हमले हो रहे हैं।
हिज़बुल्ला के नेता सैयद हसन नसरल्लाह ने कहा कि संगठन अब तक संयम से काम ले रहा था, लेकिन अगर इस्राइल अपनी आक्रामकता नहीं रोकता तो वे "दूसरे विकल्पों" पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस्राइल जानबूझकर लेबनान के नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है और इसका जवाब देने के लिए हिज़बुल्ला के पास कई योजनाएं तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे कौन से विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
इस्राइल और हिज़बुल्ला के बीच हालिया झड़पें गाजा युद्ध के बाद और तेज हो गई हैं। इस्राइली सेना का कहना है कि वह केवल आत्मरक्षा में हमले कर रही है, जबकि हिज़बुल्ला इसे एकतरफा आक्रामकता करार दे रहा है। हाल ही में हिज़बुल्ला ने इस्राइली ठिकानों पर कई रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में इस्राइल ने भी हवाई हमले किए थे।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ता है तो यह पूरे क्षेत्र को एक बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है। हिज़बुल्ला को ईरान का समर्थन प्राप्त है, जबकि इस्राइल को अमेरिका और पश्चिमी देशों का समर्थन हासिल है। ऐसे में अगर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता है तो यह सीरिया, ईरान और अन्य मध्य पूर्वी देशों को भी प्रभावित कर सकता है।
इस्राइल सरकार ने हिज़बुल्ला की धमकी को हल्के में नहीं लिया है। इस्राइली अधिकारियों ने कहा है कि वे किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे। वहीं, लेबनान की सरकार इस स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह हिज़बुल्ला पर नियंत्रण नहीं रखती, जिससे यह मामला और जटिल हो जाता है।
संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि अगर यह टकराव जारी रहा तो यह पूरे क्षेत्र में विनाशकारी प्रभाव डाल सकता है। इस्राइल और हिज़बुल्ला के बीच 2006 में भी एक बड़ा युद्ध हुआ था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और भारी तबाही हुई थी।
हिज़बुल्ला की यह चेतावनी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में इस्राइल और हिज़बुल्ला के बीच संघर्ष और भी भयावह रूप ले सकता है।





