
पाकिस्तान | पाकिस्तान सरकार ने 21 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेगिस्तान में नहर बनाने की योजना शुरू की है, लेकिन इस परियोजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आ गई है, जिससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है।
पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांतों में बढ़ते जल संकट को देखते हुए यह योजना लाई गई है। सरकार का दावा है कि इस नहर से रेगिस्तानी इलाकों में पानी पहुंचेगा और खेती को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन विशेषज्ञ इस पर सवाल उठा रहे हैं कि इतनी भारी लागत वाली यह परियोजना आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के लिए कितनी फायदेमंद होगी।
राजनीतिक विवाद क्यों?
सिंध बनाम पंजाब विवाद – सिंध प्रांत की राजनीतिक पार्टियां इस नहर का विरोध कर रही हैं, उनका कहना है कि इससे सिंध के जल संसाधन प्रभावित होंगे और पंजाब को अधिक फायदा मिलेगा।
बजट पर सवाल – पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में 21 हजार करोड़ रुपये की यह परियोजना सरकार के लिए आर्थिक बोझ बन सकती है।
विपक्ष का हमला – इमरान खान की पार्टी और अन्य विपक्षी दल इसे जनता का पैसा बर्बाद करने वाली योजना बता रहे हैं और सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं।
क्या इससे शहबाज सरकार खतरे में?
अगर यह परियोजना विवादों में घिरी रही और आर्थिक संकट बढ़ा, तो शहबाज सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे आने वाले समय में सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।





