
वर्ल्ड | मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हमास ने मिस्र और कतर द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम समझौते को स्वीकार कर लिया है, लेकिन इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे खारिज कर दिया है। इसके बाद अब इस्राइल अमेरिका के साथ मिलकर नई रणनीति तैयार कर रहा है।
युद्धविराम का प्रस्ताव क्या था?
मिस्र और कतर ने संघर्ष को रोकने के लिए तीन चरणों वाला युद्धविराम प्रस्ताव रखा था। इसमें शामिल थे:
संघर्ष विराम – सभी हमले रोकने और राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति।
बंदी मुक्त करने की शर्त – इस्राइल को बंधकों की रिहाई और हमास के कैदियों की रिहाई पर सहमति देनी होगी।
राजनीतिक समाधान – दीर्घकालिक शांति वार्ता की संभावना पर चर्चा।
हमास ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, लेकिन इस्राइल ने इसे "अधूरी और अव्यावहारिक योजना" बताते हुए ठुकरा दिया।
नेतन्याहू का कड़ा रुख, अमेरिका के साथ नया प्लान
इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि उनकी सेना गाजा में हमास के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगी। इस्राइल अब अमेरिका के साथ मिलकर एक "वैकल्पिक युद्ध योजना" पर चर्चा कर रहा है। इसमें शामिल हो सकते हैं:
हमास पर और कड़े हमले
गाजा में सैन्य दबाव बढ़ाना
हमास की सैन्य और आर्थिक आपूर्ति लाइनों को काटना
इस्राइली सरकार को डर है कि अगर युद्धविराम लागू होता है तो हमास दोबारा संगठित होकर फिर हमला कर सकता है।
अब आगे क्या?
हमास का कहना है कि उसने शांति के लिए कदम उठाया, लेकिन इस्राइल की जिद से अब क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
अमेरिका इस्राइल पर नरमी बरतने का दबाव बना सकता है, क्योंकि इस युद्ध से बाइडेन प्रशासन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
अगर वार्ता नहीं हुई तो गाजा में संघर्ष और तेज हो सकता है, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
इस घटनाक्रम से साफ है कि युद्ध अभी जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि क्या अमेरिका इस्राइल को राजी कर पाएगा या फिर गाजा में और भीषण युद्ध देखने को मिलेगा।





