
वर्ल्ड | पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऑटोमोबाइल आयात पर 25% टैरिफ लगाने के एलान के बाद कनाडा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसे देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला कनाडाई ऑटो उद्योग और नौकरियों पर गहरा असर डालेगा।
टैरिफ से क्यों नाराज है कनाडा?
अमेरिका और कनाडा के बीच ऑटोमोबाइल व्यापार बेहद मजबूत है। कनाडा अमेरिका को बड़ी संख्या में कार और ऑटो पार्ट्स निर्यात करता है। ट्रंप के इस फैसले से कनाडा को भारी नुकसान हो सकता है, क्योंकि इससे निर्यात महंगा हो जाएगा और मांग घट सकती है।
ट्रूडो ने कहा, "हम अपने ऑटो सेक्टर और कामगारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। यह हमारी अर्थव्यवस्था और नागरिकों पर सीधा हमला है।"
उद्योग पर असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, 25% टैरिफ लागू होने से कनाडाई कार कंपनियों को बड़ा झटका लगेगा। इससे उत्पादन लागत बढ़ेगी, निर्यात घटेगा और नौकरियों पर संकट आ सकता है।
ऑटो सेक्टर कनाडा की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, जिसमें लाखों लोग काम करते हैं। अगर अमेरिका यह टैरिफ लागू करता है, तो कई कंपनियां या तो उत्पादन घटा देंगी या फिर कीमतें बढ़ा देंगी, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान होगा।
अमेरिका-कनाडा संबंधों में तनाव
ट्रंप के इस फैसले से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। पहले भी ट्रंप प्रशासन ने स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ लगाया था, जिससे दोनों देशों में मतभेद पैदा हुए थे।
कनाडा की सरकार अब इस टैरिफ के खिलाफ कानूनी और राजनयिक कदम उठाने पर विचार कर रही है। ट्रूडो जल्द ही अमेरिकी प्रशासन से इस मुद्दे पर बात कर सकते हैं।
आगे क्या?
अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं और यह टैरिफ लागू होता है, तो कनाडा को अपने ऑटो सेक्टर के लिए नए व्यापारिक रास्ते तलाशने होंगे। साथ ही, इस फैसले का असर अमेरिका की ऑटो इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है, क्योंकि वे भी कनाडाई पार्ट्स पर निर्भर हैं।





