
वर्ल्ड | मध्य पूर्व में संघर्ष और तेज हो गया है। मिस्र की ओर से पेश किए गए नए युद्धविराम प्रस्ताव के बावजूद इस्राइल ने गाजा पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। इन ताजा हमलों में 61 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। गाजा के कई इलाकों में भारी बमबारी जारी है, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
इस्राइल के हमलों में इजाफा, गाजा में हालात बदतर
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इस्राइली हवाई हमलों ने घनी आबादी वाले कई इलाकों को निशाना बनाया है। इन हमलों में बड़ी संख्या में मकान और बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। अस्पतालों में जगह की भारी कमी है, जिससे घायलों का इलाज कर पाना मुश्किल हो रहा है।
इस्राइल का कहना है कि उसके हमले हमास के ठिकानों पर केंद्रित हैं, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। गाजा में रहने वाले लोग लगातार बिजली, पानी और भोजन की कमी से जूझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस्राइली कार्रवाई की निंदा की है और युद्धविराम पर जोर दिया है।
मिस्र का युद्धविराम प्रस्ताव और इस्राइल की प्रतिक्रिया
मिस्र ने हाल ही में इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक नया युद्धविराम प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में दोनों पक्षों से संघर्ष विराम का पालन करने और शांति वार्ता में शामिल होने की अपील की गई है। हालांकि, इस्राइल ने अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार का कहना है कि वह तब तक कोई समझौता नहीं करेगी, जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता।
दूसरी ओर, हमास ने भी इस प्रस्ताव को लेकर अपनी शर्तें रखी हैं। संगठन ने कहा है कि जब तक इस्राइली हमले बंद नहीं होते और गाजा की नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक वे युद्धविराम पर सहमत नहीं होंगे। इस्राइली सेना के बढ़ते हमलों से यह साफ है कि निकट भविष्य में संघर्ष समाप्त होने की संभावना कम है।
आम नागरिकों पर सबसे ज्यादा असर
इस संघर्ष का सबसे ज्यादा खामियाजा गाजा के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और कई इलाकों में बुनियादी सुविधाएं ठप हो चुकी हैं। भोजन और दवा की भारी किल्लत है, जबकि मानवीय सहायता पहुंचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं लगातार संघर्ष विराम की अपील कर रही हैं, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मिस्र की मध्यस्थता से उम्मीद थी कि युद्धविराम की राह खुल सकती है, लेकिन इस्राइली हमलों के बढ़ने से शांति प्रक्रिया खतरे में पड़ती दिख रही है। अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो गाजा में और बड़े पैमाने पर तबाही मच सकती है।





