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Pakistan: पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैल रही थी कि देश में ऊर्जा और ईंधन की बचत के लिए सप्ताह में दो दिन का 'स्मार्ट लॉकडाउन' लागू किया जाएगा। यह नोटिफिकेशन दावा कर रहा था कि सरकार ने बिजली और गैस की बचत के लिए हफ्ते में दो दिन का लॉकडाउन प्रस्तावित किया है और इसे आज़ाद कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान की सरकारों को भी भेजा गया है।
हालांकि, पाकिस्तान के संघीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने इस खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो नोटिफिकेशन सर्कुलेट हो रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस प्रकार का कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया है और न ही किसी क्षेत्र में इसे लागू करने की योजना है। सूचना मंत्री ने मीडिया से कहा कि लोगों को ऐसे फर्जी नोटिफिकेशन से भ्रमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें न केवल गलत जानकारी देती हैं बल्कि आम जनता में अनावश्यक भय और असमंजस पैदा कर रही हैं। अताउल्लाह तारड़ ने यह सुनिश्चित किया कि सरकार ऊर्जा बचत और आपूर्ति सुधार के लिए वैकल्पिक योजनाओं पर काम कर रही है, लेकिन इसके लिए लॉकडाउन जैसी कठोर पाबंदियों की आवश्यकता नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में ऊर्जा और ईंधन संकट लंबे समय से जारी है। बिजली की कटौती, गैस की आपूर्ति में कमी और बढ़ती ऊर्जा मांग के कारण आम नागरिकों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहें और भी ज्यादा फैलती हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि नागरिकों को केवल आधिकारिक सूत्रों से ही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और फर्जी खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुए नोटिफिकेशन में बताया गया था कि पाकिस्तान की संघीय सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए हफ्ते में दो दिन कार्यालय, उद्योग और सार्वजनिक स्थानों को बंद रखने का आदेश देने का निर्णय लिया है। इसमें यह भी उल्लेख था कि इस योजना को आज़ाद कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थानीय सरकारों को भेजा गया है ताकि पूरे क्षेत्र में समन्वित रूप से इसे लागू किया जा सके। हालांकि, सूचना मंत्री ने इसे पूरी तरह असत्य बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ऊर्जा आपूर्ति और बचत के लिए तकनीकी उपायों और नीतिगत सुधारों पर काम कर रही है, लेकिन इसके लिए लॉकडाउन जैसी कदम उठाने की योजना नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी खबर को बिना जांचे साझा न करें और केवल आधिकारिक सरकारी घोषणाओं पर भरोसा करें।
पाकिस्तानी मीडिया ने भी इस मामले पर रिपोर्टिंग करते हुए स्पष्ट किया कि यह नोटिफिकेशन फर्जी है और इसे सोशल मीडिया पर फैलाने का उद्देश्य आम जनता में भ्रम पैदा करना हो सकता है। कई टीवी चैनलों और ऑनलाइन पोर्टलों ने भी खबर दी कि इस तरह की अफवाहें ऊर्जा संकट या राजनीतिक अस्थिरता के समय में तेजी से फैलती हैं और नागरिकों में अनावश्यक डर पैदा कर सकती हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर फर्जी खबरों पर नियंत्रण रखने के लिए कदम उठा रही है। ऊर्जा मंत्रालय और सूचना मंत्रालय दोनों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी असत्य सूचना जनता तक पहुंचने से पहले उसे रोकने के प्रयास किए जाएँ।
इस प्रकार, पाकिस्तान में 'स्मार्ट लॉकडाउन' का सोशल मीडिया नोटिफिकेशन पूरी तरह फर्जी निकला। संघीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने इसे खारिज करते हुए जनता से कहा कि केवल आधिकारिक घोषणाओं और सरकारी वेबसाइट्स पर भरोसा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश में ऊर्जा बचाने के लिए कई अन्य उपाय योजना में हैं, लेकिन उसके लिए लॉकडाउन जैसी पाबंदी नहीं लागू की जाएगी।
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