
नेपाल : नेपाल में इन दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसकी वजह नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र की अचानक बढ़ी सक्रियता बताई जा रही है। खास बात यह है कि ज्ञानेंद्र ने हाल ही में लखनऊ में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, और उसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने नेपाल में राजशाही की बहाली की मांग को लेकर बड़ी रैली की।
योगी आदित्यनाथ से जुड़े पोस्टर क्यों लगे नेपाल में?
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने नेपाल में जब अपनी रैली की, तो वहां योगी आदित्यनाथ से जुड़े पोस्टर भी देखे गए।
नेपाली मीडिया में इस मुलाकात और रैली को जोड़कर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
नेपाल में 81% से ज्यादा हिंदू आबादी है, और वहां कुछ वर्ग फिर से हिंदू राष्ट्र और राजशाही की मांग कर रहे हैं।
नेपाल में राजशाही की वापसी का मुद्दा क्यों गरमाया?
नेपाल में 2008 में राजशाही खत्म कर लोकतंत्र लागू किया गया था, लेकिन अब भी एक बड़ा वर्ग राजशाही की वापसी चाहता है।
ज्ञानेंद्र शाह के समर्थक चाहते हैं कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए।
इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ की हिंदू नेतृत्व वाली छवि को लेकर नेपाल में चर्चा तेज हो गई है।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग को बल मिलने लगा है।
क्या कह रही है नेपाली मीडिया?
नेपाल के कई मीडिया चैनलों और अखबारों में योगी आदित्यनाथ की चर्चा की जा रही है।
उनकी नेपाल नीति और हिंदू राष्ट्र को लेकर विचारों पर बहस हो रही है।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नेपाल में एक वर्ग योगी को हिंदू राष्ट्र के समर्थक के रूप में देख रहा है।
हालांकि, अभी तक योगी आदित्यनाथ या भारत सरकार की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है।
नेपाल और भारत के रिश्तों पर असर?
नेपाल और भारत के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। हालांकि, इस तरह के मुद्दे अक्सर राजनीतिक हलचल बढ़ा देते हैं। अब देखना होगा कि नेपाल में चल रही यह चर्चा किस दिशा में आगे बढ़ती है।





