
अमेरिका : अमेरिका में इन दिनों एक खास पेन चर्चा में बना हुआ है। इस पेन का नाम ‘ऑटोपेन’ है, जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कोई आम पेन नहीं, बल्कि एक ऐसी तकनीक से लैस है जो राष्ट्रपति के हस्ताक्षर खुद कर सकता है। अब इस पेन के इस्तेमाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
बाइडेन के फैसलों पर उठे सवाल
एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कई एक्जीक्यूटिव ऑर्डर्स पर ऑटोपेन से साइन किए थे। इस खुलासे के बाद आलोचकों ने उनकी वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विरोधियों का कहना है कि क्या ये ऑर्डर कानूनी रूप से मान्य हैं या नहीं?
क्या है ऑटोपेन और क्यों हो रहा विवाद?
ऑटोपेन एक मैकेनिकल डिवाइस है, जो डिजिटल सिग्नेचर को हूबहू कॉपी कर सकता है।
अमेरिका में राष्ट्रपति को जरूरी ऑर्डर्स पर खुद साइन करने होते हैं, लेकिन बाइडेन पर आरोप है कि उन्होंने इसकी बजाय ऑटोपेन का इस्तेमाल किया।
आलोचकों का दावा है कि अगर ऑटोपेन से हस्ताक्षर किए गए हैं, तो ये दस्तावेज वैध नहीं माने जाने चाहिए।
यह विवाद आगामी चुनावों से पहले बाइडेन के लिए एक नई मुसीबत बन सकता है।
पहले भी हो चुका है ऐसा?
बाइडेन पहले राष्ट्रपति नहीं हैं, जिनके ऑटोपेन इस्तेमाल पर सवाल उठे हैं। इससे पहले बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश भी इसका उपयोग कर चुके हैं, लेकिन तब यह इतना बड़ा विवाद नहीं बना था।
क्या कहती है अमेरिकी सरकार?
व्हाइट हाउस की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह साफ है कि इस विवाद ने अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है।





