
वर्ल्ड | अमेरिकी अधिकारियों को संभावित जासूसी और ब्लैकमेलिंग से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया।
चीन की सरकार या खुफिया एजेंसियां रिश्तों के जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकती हैं।
अमेरिकी प्रशासन को डर है कि इन संबंधों के माध्यम से अधिकारियों को प्रभावित किया जा सकता है।
कौन-कौन आएगा इस नियम के दायरे में?
बीजिंग स्थित अमेरिकी दूतावास के कर्मचारी
शंघाई, ग्वांगझू, शेनयांग और वुहान में तैनात अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के अधिकारी
हॉन्ग-कॉन्ग स्थित अमेरिकी दूतावास और वहां तैनात कर्मचारी
क्या होगा अगर नियम तोड़ा गया?
अगर कोई अमेरिकी अधिकारी इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
उसकी सुरक्षा मंजूरी (Security Clearance) रद्द की जा सकती है।
उसे नौकरी से निकाला जा सकता है।
कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
चीन का क्या कहना है?
चीन ने अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ऐसे प्रतिबंध अमेरिका और चीन के पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और खराब कर सकते हैं।
अमेरिका पहले भी चीनी कंपनियों और नागरिकों पर जासूसी के आरोप लगाता रहा है।
चीन ने अमेरिका पर गलत जानकारी फैलाने और द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
आगे क्या हो सकता है?
अमेरिकी अधिकारियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
अगर इस नियम से चीन और अमेरिका के संबंध और बिगड़ते हैं, तो चीन भी जवाबी कदम उठा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फैसले की आलोचना या समर्थन हो सकता है।





