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पिकैक्स माउंटेन क्या है जिस पर ट्रंप ने दी स्ट्राइक की चेतावनी

Ratna Netam
5 Sept 2026 7:34 PM IST
पिकैक्स माउंटेन क्या है जिस पर ट्रंप ने दी स्ट्राइक की चेतावनी
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नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक बेहद गोपनीय और मजबूत भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस ठिकाने को **‘पिकैक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain)** कहा जा रहा है। यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सबसे रहस्यमय स्थानों में से एक माना जाता है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर इस जगह पर हमला कर सकता है।
यह ठिकाना इतना खास क्यों है, अमेरिका की नजर इस पर क्यों है और आखिर पहाड़ के अंदर बने इस गुप्त अड्डे में ऐसा क्या है कि इसे लेकर दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है? आइए समझते हैं।
क्या है पिकैक्स माउंटेन?
पिकैक्स माउंटेन ईरान का एक बेहद सुरक्षित भूमिगत परिसर है, जो नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित बताया जाता है। यह जगह पहाड़ के अंदर बनाई जा रही एक विशाल सुरंग व्यवस्था से जुड़ी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस परिसर को इतनी गहराई और मजबूती के साथ बनाया गया है कि सामान्य हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना बेहद मुश्किल हो सकता है।
यही वजह है कि अमेरिका और पश्चिमी देशों की नजर इस जगह पर बनी हुई है। आशंका जताई जाती है कि ईरान अपने संवेदनशील परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे भूमिगत ठिकानों का इस्तेमाल कर सकता है।
ट्रंप क्यों दे रहे हैं हमले की धमकी?
डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना जरूरी है। अमेरिका लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों तक सीमित नहीं है।
ईरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम ऊर्जा और वैज्ञानिक जरूरतों के लिए है।
ट्रंप की धमकी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव फिर बढ़ा हुआ है।
क्यों है यह ठिकाना इतना खास?
पिकैक्स माउंटेन की सबसे बड़ी खासियत इसका भूमिगत होना है।
ऐसे ठिकानों को बनाने का मकसद आमतौर पर यही होता है कि उन्हें दुश्मन के हवाई हमलों से बचाया जा सके।
ऊपर से पहाड़ की मोटी चट्टानें सुरक्षा कवच का काम करती हैं। यही कारण है कि किसी भी देश के लिए ऐसे ठिकानों पर हमला करना आसान नहीं होता।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी भूमिगत परमाणु परिसर को निशाना बनाना हो तो बेहद शक्तिशाली बंकर बस्टर हथियारों की जरूरत पड़ सकती है।
क्या यहां परमाणु हथियार बनाए जा रहे हैं?
यह सबसे बड़ा सवाल है।
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आशंका है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के कुछ हिस्सों को ऐसे गुप्त ठिकानों में सुरक्षित रख सकता है।
हालांकि ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करती रही है, लेकिन कई मुद्दों पर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच विवाद बना हुआ है।
पहले भी निशाने पर रहा है फोर्डो
ईरान का एक और चर्चित भूमिगत परमाणु केंद्र **फोर्डो** है, जो पहाड़ के अंदर बनाया गया है।
फोर्डो को भी ईरान के सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकानों में गिना जाता है। इसकी गहराई और सुरक्षा व्यवस्था के कारण यह लंबे समय से अमेरिका और इजरायल की चिंता का विषय रहा है।
अब पिकैक्स माउंटेन को लेकर चर्चा इसलिए बढ़ गई है क्योंकि इसे ईरान के भविष्य के परमाणु ढांचे का संभावित हिस्सा माना जा रहा है।
क्या अमेरिका के लिए हमला आसान होगा?
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ के अंदर बने ऐसे ठिकानों पर हमला बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
इसके लिए केवल मिसाइल या सामान्य बम काफी नहीं होते। लक्ष्य की सही जानकारी, हथियारों की क्षमता और हमले के बाद के परिणामों का आकलन बेहद जरूरी होता है।
इसके अलावा किसी भी हमले से क्षेत्रीय युद्ध फैलने का खतरा भी रहता है।
ईरान पर क्या असर पड़ेगा?
अगर अमेरिका वास्तव में इस ठिकाने को निशाना बनाता है तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा।
मध्य पूर्व में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है। ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे क्षेत्र में सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका रहेगी।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है।
ईरान की रणनीति क्या है?
ईरान ने पिछले कुछ वर्षों में अपने परमाणु और सैन्य ढांचे को ज्यादा सुरक्षित बनाने पर जोर दिया है।
भूमिगत सुविधाएं बनाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जाता है।
ऐसे ठिकानों का उद्देश्य संवेदनशील तकनीक और उपकरणों को संभावित हमलों से बचाना होता है।
दुनिया की नजर क्यों टिकी है?
पिकैक्स माउंटेन केवल एक सैन्य ठिकाना नहीं बल्कि अमेरिका-ईरान संघर्ष का प्रतीक बन गया है।
एक तरफ अमेरिका इसे परमाणु खतरे से जोड़कर देखता है, वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा का हिस्सा बताता है।
यही कारण है कि ट्रंप की धमकी के बाद इस गुप्त ठिकाने को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह साफ नहीं है कि अमेरिका वास्तव में इस ठिकाने पर हमला करेगा या यह केवल दबाव बनाने की रणनीति है।
लेकिन इतना जरूर है कि पिकैक्स माउंटेन अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सबसे चर्चित नामों में शामिल हो चुका है।
अगर तनाव बढ़ता है तो यह जगह आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और सुरक्षा बहस का केंद्र बनी रह सकती है।
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