
x
अमेरिका ईरान टकराव में नया मोड़ तीन तेल जहाजों पर कार्रवाई का दावा
Delhi दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े तीन कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। CENTCOM के अनुसार, जिन तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, उनमें M/T DOWNY (IMO 9218480), M/T STARK 1 (IMO 9171450) और M/T KYLO (IMO 9189146) शामिल हैं। अमेरिकी कमांड ने इस कार्रवाई को क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े अभियान का हिस्सा बताया है।
यह घटनाक्रम ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने के दावे के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC बलों ने क्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसैनिक जहाजों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इसके बाद अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सेनाएं समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अपने सैन्य हितों की रक्षा के लिए सक्रिय हैं। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर ईरान की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
פיקוד מרכז האמריקני: תקפנו שלוש מכליות נפט איראניות בתגובה לשיגור טילים איראניים לעבר ספינות המלחמה שלנו באזור | תיעוד@ItayBlumental
— כאן חדשות (@kann_news) September 5, 2026
תיעוד: פיקוד מרכז האמריקני pic.twitter.com/Dizn9lVT1E
तेल टैंकरों पर हुई कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां किसी भी सैन्य टकराव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजारों पर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर मतभेद रहे हैं। हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका और गहरा गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए चुनौती बन सकती हैं। तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की खब र के बाद वैश्विक समुदाय की नजर अब अमेरिका और ईरान की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। फिलहाल अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को सुरक्षा अभियान के रूप में पेश किया है, जबकि ईरान की ओर से संभावित जवाब को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले समय में यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
Next Story





