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Israeli चुनाव में मतदान तेज, नेतन्याहू ने लिकुड समर्थकों से की बड़ी अपील

Ratna Netam
27 Oct 2026 5:01 PM IST
Israeli  चुनाव में मतदान तेज, नेतन्याहू ने लिकुड समर्थकों से की बड़ी अपील
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यरुशलम : 27 अक्टूबर 2026। इजराइल में मंगलवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और विपक्षी दलों के बीच कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है। चुनाव के दौरान नेतन्याहू ने अपने समर्थकों से मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने लिकुड के कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने का आग्रह किया। इस बीच दोपहर तक 31.5 प्रतिशत मतदान होने का दावा सामने आया है, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।इजराइल में 27 अक्टूबर को हो रहा यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद क्षेत्र में हुए युद्धों के बाद पहला संसदीय चुनाव है। इसे नेतन्याहू के नेतृत्व और उनकी सरकार की नीतियों की महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
नेतन्याहू ने समर्थकों से की मतदान की अपील
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में लिकुड समर्थकों से मतदान प्रतिशत बढ़ाने का आग्रह किया था।उन्होंने 17 अक्टूबर को एक साक्षात्कार में कहा था कि चुनावी मुकाबला बेहद करीबी है और एक-दो अतिरिक्त संसदीय सीटें सरकार गठन के समीकरण बदल सकती हैं।नेतन्याहू ने अपने समर्थकों से परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की थी।उनकी पार्टी का ध्यान उन क्षेत्रों में मतदान बढ़ाने पर है, जहां पारंपरिक रूप से लिकुड को समर्थन मिलता रहा है। हालांकि, मतदान वाले दिन 'लिकुड को जगाने' के सटीक शब्दों में दिए गए नए बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इजराइल में 73 लाख से अधिक मतदाता
इजराइल के केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चुनाव में कुल 73,31,981 नागरिक मतदान करने के पात्र हैं।देशभर में 12,018 नियमित मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और रात दस बजे तक जारी रहने का कार्यक्रम है।इस बार करीब 3.30 लाख नए मतदाता भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने के पात्र हैं।इजराइल की 120 सदस्यीय संसद, जिसे नेसेट कहा जाता है, के लिए मतदान कराया जा रहा है। सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है।
पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट से चुनौती
इस चुनाव में नेतन्याहू के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों में पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट शामिल हैं।आइजनकोट अपनी याशार पार्टी के माध्यम से सरकार की नीतियों और अक्टूबर 2023 के हमले से संबंधित सुरक्षा विफलताओं पर सवाल उठा रहे हैं।विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही, न्यायिक व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक सुधारों को चुनावी मुद्दा बनाया है।दूसरी ओर, नेतन्याहू राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों से निपटने में अपनी सरकार की भूमिका को प्रमुखता दे रहे हैं।
गाजा युद्ध और सुरक्षा बने प्रमुख चुनावी मुद्दे
इजराइल के इस चुनाव में गाजा युद्ध, ईरान के साथ तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।नेतन्याहू की सरकार को हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले को रोकने में विफल रहने को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।विपक्षी नेता इस हमले की परिस्थितियों और सरकारी निर्णयों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।इसके अतिरिक्त न्यायपालिका की स्वतंत्रता, अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय के लिए सैन्य सेवा से छूट और सरकार की आर्थिक नीतियां भी राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं।
अरब मतदाताओं की भागीदारी पर नजर
इस चुनाव में अरब मूल के इजराइली नागरिकों की मतदान भागीदारी भी चर्चा में है।देश की आबादी में अरब नागरिकों की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत है। उनके राजनीतिक प्रतिनिधियों ने समुदाय से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है।चुनाव में अलग-अलग दलों को मिलने वाली सीटों का असर सरकार गठन की बातचीत पर पड़ेगा।इजराइल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू है। इसलिए चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी गठबंधन सरकार बनाने के लिए विभिन्न दलों के बीच बातचीत आवश्यक हो सकती है।
मतदान समाप्त होने के बाद आएंगे एग्जिट पोल
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रात दस बजे मतदान समाप्त होने के बाद इजराइली समाचार चैनल एग्जिट पोल जारी करेंगे।मतगणना के शुरुआती रुझान इसके बाद सामने आएंगे। आधिकारिक अंतिम चुनाव परिणाम 4 नवंबर तक प्रकाशित किए जाने हैं।नई सरकार बनाने की प्रक्रिया में राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग निर्वाचित दलों से परामर्श करेंगे और उस नेता को सरकार गठन का अवसर देंगे, जिसके पास संसदीय समर्थन जुटाने की संभावना होगी।फिलहाल इजराइल में मतदान जारी है और राजनीतिक दल अपने समर्थकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास में जुटे हैं।
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