
हनोई : वियतनाम के फु क्वोक द्वीप (फु क्वोक आइलैंड) के पास 11 जुलाई को हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे के बाद भारतीय दूतावास ने बड़ा अपडेट जारी किया है। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने उस स्पीडबोट में सवार 32 भारतीय पर्यटकों की यात्री सूची (पैसेंजर लिस्ट) सार्वजनिक की है। यह हादसा हाल के वर्षों में विदेश में भारतीय पर्यटकों से जुड़े सबसे गंभीर हादसों में से एक माना जा रहा है। घटना के बाद भारतीय दूतावास लगातार वियतनाम के स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है तथा पीड़ितों और उनके परिवारों की हरसंभव सहायता के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसका प्राथमिक उद्देश्य स्पीडबोट में सवार प्रत्येक भारतीय यात्री की स्थिति का सत्यापन करना है। इसके लिए दूतावास वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। साथ ही मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया में भी स्थानीय प्रशासन को सहयोग दिया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
🚨 UPDATE: India releases passenger list after Phu Quoc boat tragedy
— NGO-SUGAR (@ngosugartp) July 11, 2026
The Indian Embassy in Hanoi has released the names of the 32 Indian tourists who were aboard the speedboat that capsized near Phu Quoc Island.
The embassy said it was working with Vietnamese authorities to… https://t.co/S06qJEbf1k pic.twitter.com/UkhoF19ZhP
दूतावास के अनुसार, घटना के बाद से अधिकारी लगातार राहत और बचाव अभियान की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं। भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन, अस्पतालों और अन्य संबंधित एजेंसियों से संपर्क में है ताकि किसी भी भारतीय नागरिक के संबंध में जानकारी मिलते ही उसके परिजनों तक तत्काल पहुंचाई जा सके।
जारी बयान में कहा गया है कि पीड़ितों की पहचान, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और अन्य आधिकारिक सूचनाओं की पुष्टि के बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी। दूतावास ने स्पष्ट किया कि अपुष्ट या अधूरी जानकारी साझा करने से बचा जा रहा है ताकि परिवारों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले।
बताया गया है कि स्पीडबोट 11 जुलाई को फु क्वोक आइलैंड के पास समुद्री क्षेत्र में पलट गई थी। हादसे के समय उसमें कई यात्री सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक भी शामिल थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की मदद से यात्रियों की तलाश और राहत कार्य चलाया गया।
भारतीय दूतावास ने कहा कि वह प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी यात्री को चिकित्सा सहायता, दस्तावेजी प्रक्रिया, यात्रा संबंधी व्यवस्था या अन्य किसी प्रकार की कांसुलर सहायता की आवश्यकता होगी, तो दूतावास आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।
हादसे के बाद भारत और वियतनाम के अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। दोनों देशों की एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि सभी प्रभावित यात्रियों की सही जानकारी उपलब्ध हो और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जा सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय दुर्घटना के बाद पीड़ितों की पहचान और उनके परिवारों तक प्रमाणित जानकारी पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन, दूतावास और विदेश मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय राहत कार्य को अधिक प्रभावी बनाता है।
भारतीय दूतावास ने परिजनों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। दूतावास ने कहा कि जैसे-जैसे वियतनामी अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त होगी, वैसे-वैसे आगे के अपडेट भी साझा किए जाएंगे।
इस हादसे ने विदेश यात्रा पर गए भारतीय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना बेहद आवश्यक है। मौसम की स्थिति, नौका की क्षमता, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और चालक दल का प्रशिक्षण ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल बचाव और सत्यापन का कार्य जारी है। भारतीय दूतावास ने दोहराया है कि वह वियतनाम के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रत्येक भारतीय यात्री की स्थिति की पुष्टि करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है। जैसे ही संबंधित एजेंसियों से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त होगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इस बीच, भारत में मौजूद प्रभावित परिवार अपने प्रियजनों की सुरक्षित जानकारी का इंतजार कर रहे हैं और सरकार की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





