अमेरिका का रिफ्यूलिंग विमान तबाह, प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान ने किया हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला मिसाइल और ड्रोन दोनों से किया गया. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार कम से कम 12 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. हमले में अमेरिकी वायुसेना के रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे सैन्य ऑपरेशन्स पर असर पड़ सकता है. सऊदी में इस ताजा हमले से पहले 1 मार्च को भी इसी एयरबेस पर हमला हुआ था, जिसमें 26 वर्षीय अमेरिकी सैनिक बेंजामिन पेनिंगटन की मौत हो गई थी. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है. 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है. हालांकि, इनमें से कई सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं.
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि युद्ध खत्म होने के बाद सऊदी अरब और इजरायल के बीच रिश्तों को सामान्य करने का समय आ गया है. उन्होंने "अब्राहम अकॉर्ड" का जिक्र करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता के लिए यह जरूरी कदम होगा. हालांकि, सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान के बिना इजरायल से संबंध सामान्य नहीं करेगा. दूसरी तरफ, ईरान ने कुछ नरमी के संकेत भी दिए हैं. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के सामने ईरानी राजदूत अली बहरीनी ने कहा कि तेहरान मानवीय मदद और कृषि से जुड़ी सप्लाई को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए गुजरने देने के लिए तैयार है. यह बयान ऐसे समय आया है जब इस अहम समुद्री रास्ते के प्रभावित होने से दुनिया भर में तेल, गैस और खाद्य आपूर्ति पर असर पड़ रहा है.
कुल मिलाकर तस्वीर साफ है कि एक तरफ हमले तेज होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं. लेकिन फिलहाल हालात यही इशारा कर रहे हैं कि यह जंग जल्दी खत्म होती नहीं दिख रही.





