विश्व

डेटा सुरक्षा को लेकर अमेरिका सतर्क, DeepSeek AI हटाने का आदेश

Ratna Netam
22 Oct 2026 7:48 PM IST
डेटा सुरक्षा को लेकर अमेरिका सतर्क, DeepSeek AI हटाने का आदेश
x
वॉशिंगटन। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील सरकारी जानकारी की सुरक्षा को लेकर चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी डीपसीक (DeepSeek) के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सरकार ने संघीय नागरिक एजेंसियों को अपने कंप्यूटर सिस्टम से डीपसीक से जुड़े एप्लिकेशन और सेवाएं हटाने का आदेश दिया है। साथ ही सरकारी कामकाज और खरीद प्रक्रियाओं में इस चीनी एआई तकनीक के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि डीपसीक के माध्यम से संवेदनशील जानकारी चीनी अधिकारियों तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह संभावित सुरक्षा जोखिम का आकलन है, न कि किसी विशिष्ट डेटा चोरी की पुष्टि।
सरकारी कंप्यूटरों से हटाए जाएंगे डीपसीक एप्लिकेशन
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने संघीय नागरिक एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने सूचना प्रौद्योगिकी सिस्टम में डीपसीक से जुड़े उत्पादों की पहचान करें और उन्हें हटाएं।प्रतिबंध केवल डीपसीक के चैटबॉट या मोबाइल एप्लिकेशन तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में कंपनी की तकनीक का उपयोग करके तैयार किए गए थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर और सेवाएं भी शामिल हैं।अमेरिकी साइबर सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचा सुरक्षा एजेंसी (CISA) के प्रवक्ता ने 'द एपोक टाइम्स' को बताया कि संघीय कार्यकारी एजेंसियों को डीपसीक एप्लिकेशन इंस्टॉल करने, उन तक पहुंचने या उन्हें संचालित करने से रोका गया है।सरकारी विभागों को पहले से मौजूद ऐसे एप्लिकेशन की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
16 अक्टूबर को जारी हुए नए निर्देश
'द एपोक टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, 16 अक्टूबर को अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी और रक्षा विभागों के सचिवों तथा राष्ट्रीय खुफिया निदेशक की ओर से संबंधित निर्देश जारी किए गए थे।इससे पहले गृह सुरक्षा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को डीपसीक से जुड़े उत्पादों को संघीय नागरिक एजेंसियों की खरीद प्रक्रियाओं से बाहर करने और सरकारी सिस्टम से हटाने का आदेश जारी किया था।इस आदेश की आधिकारिक सूचना 20 अक्टूबर को अमेरिकी फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित की गई। इससे अमेरिकी सरकार के डीपसीक संबंधी प्रतिबंधों का कानूनी आधार स्पष्ट हुआ।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अमेरिका की चिंता
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि डीपसीक जैसी विदेशी एआई सेवाओं के माध्यम से सरकारी डेटा की सुरक्षा प्रभावित होने का जोखिम हो सकता है।गृह सुरक्षा विभाग ने आशंका व्यक्त की है कि चीनी कानूनों के तहत वहां की कंपनियों से संबंधित डेटा तक पहुंच मांगी जा सकती है।इसके अलावा अमेरिकी सरकारी संस्थानों की गतिविधियों, कर्मचारियों और संवेदनशील सूचनाओं से संबंधित जानकारी के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई गई है।अमेरिकी अधिकारियों ने डीपसीक से जुड़े कुछ सॉफ्टवेयर में सुरक्षा कमजोरियों और संभावित साइबर खतरों का उल्लेख किया है।
सरकारी ठेकों में भी नहीं होगा इस्तेमाल
अमेरिकी प्रशासन के नए प्रतिबंधों का प्रभाव सरकारी खरीद प्रक्रियाओं और अनुबंधों पर भी पड़ेगा।संघीय नागरिक एजेंसियां डीपसीक तथा उसकी सहयोगी कंपनियों के संबंधित उत्पाद और सेवाएं नहीं खरीद सकेंगी।इसके साथ ही ऐसी परियोजनाएं भी प्रतिबंध के दायरे में आ सकती हैं, जिनमें दूसरी कंपनियां डीपसीक की तकनीक का उपयोग कर रही होंइसका मतलब है कि डीपसीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सरकारी ठेकेदारों को भी नए नियमों का पालन करना होगा।हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के तहत एजेंसियां विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंध से छूट का अनुरोध कर सकती हैं।
संघीय कानून के तहत उठाया गया कदम
डीपसीक के खिलाफ कार्रवाई वर्ष 2018 के फेडरल एक्विजिशन सप्लाई चेन सिक्योरिटी एक्ट के तहत की गई है।इस कानून का उद्देश्य अमेरिकी सरकारी खरीद और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों को कम करना है।कानून के तहत सुरक्षा संबंधी चिंताओं के आधार पर कुछ तकनीकी उत्पादों और सेवाओं को सरकारी इस्तेमाल से बाहर किया जा सकता है।गृह सुरक्षा विभाग ने संघीय अधिग्रहण सुरक्षा परिषद की सिफारिशों और संबंधित साक्ष्यों की समीक्षा के बाद प्रतिबंध का आदेश जारी किया।
आम नागरिकों के लिए पूर्ण प्रतिबंध नहीं
इस फैसले को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अमेरिका ने डीपसीक के इस्तेमाल पर देशव्यापी प्रतिबंध नहीं लगाया है।मौजूदा आदेश मुख्य रूप से संघीय नागरिक सरकारी एजेंसियों के सूचना प्रौद्योगिकी सिस्टम और खरीद प्रक्रियाओं पर लागू होता है।निजी कंपनियों और आम नागरिकों के लिए डीपसीक के इस्तेमाल पर इस आदेश के जरिए पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी तनाव बढ़ा
डीपसीक के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।अमेरिका इससे पहले भी चीनी तकनीकी कंपनियों से जुड़े डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर प्रतिबंधात्मक कदम उठा चुका है।विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला सरकारी संस्थानों में विदेशी एआई तकनीक के उपयोग को लेकर अधिक सख्त सुरक्षा मानकों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।अमेरिकी प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील सरकारी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित साइबर खतरों को कम करना है।
Next Story