विश्व

भारत पोलैंड के बीच रक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला

Ratna Netam
22 Oct 2026 6:48 PM IST
भारत पोलैंड के बीच रक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला
x
नई दिल्ली। भारत और पोलैंड ने रक्षा क्षेत्र में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बातचीत के बाद दोनों देशों ने 'रक्षा उद्योग संवाद' (Defence Industry Dialogue) स्थापित करने पर सहमति जताई। इस पहल का उद्देश्य रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी सहयोग और दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना है। दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत में संयुक्त विकास और उत्पादन परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करने पर सहमति
दोनों देशों के बीच जारी संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और पोलैंड रक्षा औद्योगिक सहयोग के लिए एक दीर्घकालिक ढांचा विकसित करना चाहते हैं।इसके तहत रक्षा कंपनियों के बीच नियमित बातचीत और आपसी संपर्क को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधि सैन्य उपकरणों के विकास, तकनीकी साझेदारी और संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर विचार कर सकेंगे।संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रस्तावित रक्षा उद्योग संवाद का उद्देश्य आपसी सहमति से प्रौद्योगिकी, संयुक्त विकास, संयुक्त विनिर्माण और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर तैयार करना है।हालांकि, किसी विशेष हथियार प्रणाली के संयुक्त उत्पादन या खरीद से जुड़े अंतिम समझौते की घोषणा अभी नहीं की गई है।
सितंबर में वारसॉ में हुई थी महत्वपूर्ण बैठक
भारत और पोलैंड के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में सितंबर 2026 में भी महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी।28 सितंबर को पोलैंड की राजधानी वारसॉ में रक्षा सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह की आठवीं बैठक आयोजित की गई थी।बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और पोलैंड की राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की राज्य सचिव मैग्डालेना सोबकोवियाक-चारनेत्स्का ने की थी।इस दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग, संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों ने पोलैंड की रक्षा कंपनी समूह पीजीजेड (PGZ) के मुख्यालय का दौरा भी किया था।
रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ने से तकनीकी क्षमताओं का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।इस पहल के जरिए भविष्य में सैन्य उपकरणों के निर्माण, रखरखाव और आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियां विकसित होने की संभावना है।पोलैंड की रक्षा उद्योग कंपनियों के पास सैन्य उपकरणों के निर्माण और आधुनिकीकरण का अनुभव है। वहीं भारत घरेलू रक्षा उत्पादन बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ संयुक्त विनिर्माण को प्रोत्साहित कर रहा है।ऐसे में प्रस्तावित संवाद दोनों देशों के उद्योगों को संभावित परियोजनाओं की पहचान करने का अवसर प्रदान कर सकता है।
रक्षा अधिकारियों के बीच नियमित बातचीत जारी रहेगी
दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह की आठवीं बैठक के परिणामों का स्वागत किया।उन्होंने रक्षा अधिकारियों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने और आपसी सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।इससे पहले सितंबर में हुई बैठक में भारत-पोलैंड संयुक्त कार्ययोजना 2024-2028 को प्रभावी तरीके से लागू करने और रक्षा उद्योगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी थी।
अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में भी बढ़ेगी साझेदारी
रक्षा क्षेत्र के अलावा दोनों देशों ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत रणनीतिक क्षेत्रों में पोलैंड की कंपनियों के साथ संयुक्त विकास और उत्पादन के अवसर तलाशना चाहता है।इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिज और कोयला गैसीकरण जैसे क्षेत्रों में भी पोलैंड की विशेषज्ञता के उपयोग से नई साझेदारियां विकसित करने पर जोर दिया गया।भारत और पोलैंड के बीच सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पहले से सहयोग मौजूद है। दोनों देशों ने नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में संबंध बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा
भारत और पोलैंड ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।उस समय भी दोनों देशों ने रक्षा उद्योग, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।पोलैंड ने भारतीय कंपनियों के साथ रक्षा उपकरणों के निर्माण, रखरखाव और आधुनिकीकरण में सहयोग की संभावनाएं जताई थीं।प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की मौजूदा भारत यात्रा को इसी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।प्रस्तावित रक्षा उद्योग संवाद से दोनों देशों की सरकारी और निजी रक्षा कंपनियों के बीच संपर्क बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव भविष्य में तय होने वाली परियोजनाओं, तकनीकी समझौतों और औद्योगिक निवेश पर निर्भर करेगा।
Next Story